पूर्वी दिल्ली पुलिस ने ओएलएक्स साइबर ठगी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
पूर्वी दिल्ली साइबर पुलिस नेओएलएक्स शॉपिंग धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पूर्वी दिल्ली। पूर्वी जिला की साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों की सप्लाई करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक मोबाइल फोन बरामद किया है। वहीं, ठगी के शिकार व्यक्ति को 1,02,674 रुपये की रकम भी वापस दिलाई है। मामले में आगे की जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक, आईपी एक्सटेंशन निवासी उदय जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ओएलएक्स शॉपिंग के नाम पर उनके साथ ऑनलाइन ठगी की गई। ठगों ने उनसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराए। शिकायत के आधार पर साइबर ईस्ट थाने में ई-एफआईआर संख्या 39/2025 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
इंस्पेक्टर पवन यादव के निर्देशन में एसआई विक्षित तोमर, हेड कांस्टेबल प्रवीण और हेड कांस्टेबल योगेश की टीम गठित की गई। जांच के दौरान तकनीकी निगरानी, बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर और केवाईसी दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से करीब 72 हजार रुपये मुजफ्फरनगर निवासी शिवम कुमार के यस बैंक खाते में जमा हुए थे, जबकि 49,900 रुपये दिल्ली के तिलक नगर निवासी राजेंद्र शर्मा के खाते में पहुंचे थे।
दोनों खाताधारकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में शिवम कुमार ने बताया कि उसका खाता मेरठ के जोहरा गांव निवासी अंकित चौधरी के कहने पर खुलवाया गया था। इसके बाद पुलिस ने मेरठ में छापेमारी कर अंकित चौधरी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अंकित ने खुलासा किया कि वह कमीशन के बदले बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। अब तक वह कम से कम पांच बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध करा चुका है।
जांच में सामने आया कि आरोपित लोगों को नौकरी, आर्थिक लाभ या कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में एटीएम कार्ड, मोबाइल बैंकिंग एक्सेस और अन्य बैंकिंग दस्तावेज लेकर खातों का नियंत्रण साइबर अपराधियों को सौंप दिया जाता था। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर भेजकर असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल बनाया जाता था।
पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य साइबर अपराधियों और ठगी की पूरी रकम का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी न दें और साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।




