‘तिहाड़ से’ ब्रांड के साथ नई पहचान, अब ऑनलाइन भी मिलेंगे जेल उत्पाद

कैदियों द्वारा बनाए गए तिहाड़ जेल के उत्पादों को अब 'तिहाड़ से' ब्रांड नाम दिया गया है। ये उत्पाद जल्द ही अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी पहुंच बढ़ेगी और कैदियों को लाभ होगा।

पश्चिमी दिल्ली। देश की सबसे बड़ी तिहाड़ जेल की फैक्ट्रियों में तैयार होने वाले उत्पादों को अब एक नई कॉरपोरेट पहचान दी जा रही है। अब तक ‘टीजेज ब्रांड’ के नाम से बिकने वाले ये उत्पाद अब सरल और देसी नाम ‘तिहाड़ से’ ब्रांड के तहत बाजार में उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही इन उत्पादों की पहुंच को और व्यापक बनाने के लिए इन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
जेल प्रशासन इन उत्पादों को अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उतारने जा रहा है। इससे देश के किसी भी कोने में बैठा ग्राहक अब एक क्लिक पर तिहाड़ के कैदियों द्वारा तैयार शुद्ध सरसों का तेल, बिस्कुट, फर्नीचर और अन्य सामान मंगा सकेगा।
प्रशासन के अनुसार, रीब्रांडिंग का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के साथ सीधा भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना है। ‘टीजेज’ नाम जहां कुछ तकनीकी प्रतीत होता था, वहीं ‘तिहाड़ से’ नाम उत्पाद की शुद्धता और उसकी पृष्ठभूमि को सीधे दर्शाता है।
ऑनलाइन बाजार में प्रवेश के बाद जेल फैक्ट्रियों का मौजूदा 30 से 35 करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर आने वाले वर्षों में दोगुना होने की संभावना जताई जा रही है। इसका सीधा लाभ कैदियों को मिलेगा, क्योंकि मुनाफे का बड़ा हिस्सा उनके पारिश्रमिक और कैदी कल्याण कोष में जाता है।
तिहाड़ जेल में वर्ष 1960 में कागज निर्माण इकाई के साथ उत्पादन कार्य की शुरुआत हुई थी। वर्तमान में दिल्ली की विभिन्न जेलों में लगभग 35 फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं, जहां परिधान, इत्र, बेकरी उत्पाद, सिलाई-बुनाई, हथकरघा, लकड़ी के सामान, सरसों तेल, मसाले, पेंटिंग्स और कागज से जुड़े उत्पाद तैयार किए जाते हैं। टीजेज के आउटलेट दिल्ली के विभिन्न जिला न्यायालय परिसरों, हाई कोर्ट और पूसा परिसर में भी संचालित हैं।
जेल संख्या दो में सबसे बड़ी फैक्ट्री स्थित है, जहां कारपेंट्री और बेकरी इकाइयां संचालित होती हैं और बड़ी संख्या में कैदी कार्यरत हैं। यहां कार्यालय और घरेलू उपयोग के लिए फर्नीचर तैयार किया जाता है। जेल संख्या आठ और नौ में कंबल निर्माण, जबकि जेल संख्या चार में कागज और जूट उत्पाद बनाए जाते हैं। जेल संख्या एक में हाल ही में हथकरघा इकाई स्थापित की गई है, जहां माहेश्वरी साड़ी का निर्माण भी किया जा रहा है।
जेल महानिदेशक आनंद मोहन ने कहा, ‘‘‘तिहाड़ से’ नाम यह संदेश देता है कि यह उत्पाद सुधार की राह पर चल रहे एक व्यक्ति द्वारा तैयार किया गया है। यह नाम सरल, प्रभावी और लोगों के दिलों को छूने वाला है।’’ मामले को लेकर जेल प्रशासन का मानना है कि यह पहल न केवल उत्पादों को नई पहचान देगी, बल्कि कैदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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