लोहागढ़ किला ‘डार्क टूरिज्म’ का केंद्र, हत्याकांड स्थल देखने उमड़ रही भीड़

केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद लोनावला के लोहागढ़ किले पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां 'सिया प्वाइंट' पर डार्क टूरिज्म में 25% की बढ़ोतरी हुई है।

मुंबई/एजेंसी। महाराष्ट्र के लोनावला स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किला इन दिनों ‘डार्क टूरिज्म’ का केंद्र बनता जा रहा है। यहां पर्यटकों की भीड़ प्राकृतिक सौंदर्य देखने के बजाय हाल ही में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड से जुड़े उस स्थल को देखने के लिए उमड़ रही है, जहां से उसे खाई में धकेला गया था। इंटरनेट मीडिया पर लोग इस स्थान को अनौपचारिक रूप से ‘सिया प्वाइंट’ नाम से संबोधित कर रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस घटनाक्रम के बाद किले पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि पुणे के एक रियल एस्टेट कारोबारी के बेटे केतन अग्रवाल (26) की शादी नवंबर में सिया गोयल (20) से तय थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया इस विवाह से संतुष्ट नहीं थी और अपने प्रेमी चेतन चौधरी (22) के साथ रहना चाहती थी। इसी के चलते दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची। 17 जून को पुणे के कोंढवा इलाके के एक कैफे में हत्या की पूरी योजना तैयार की गई थी।
योजना के तहत 18 जून को सिया के जन्मदिन के बहाने केतन को लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए ले जाया गया। चेतन चौधरी ने पहचान छिपाने के लिए अपना मोबाइल पीछे छोड़ दिया और गर्मी के बावजूद हुडी पहनकर गुप्त रूप से उनका पीछा करता रहा।
जब तीनों विंचू काटा रिज के एक सुनसान और खतरनाक हिस्से में पहुंचे, तो सिया ने ‘जूते के फीते बांधने’ के बहाने जमीन पर बैठकर संकेत दिया। इसी दौरान चेतन ने पीछे से आकर केतन को करीब 400 फीट गहरी खाई में धकेल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद सिया ने इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की और पैर फिसलने से गिरने की कहानी बताई। उसने इंटरनेट मीडिया पर भावुक पोस्ट भी साझा किए। हालांकि, पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर सच्चाई सामने आ गई। जांच में आरोपियों के बीच 2000 से अधिक कॉल्स का आदान-प्रदान भी पाया गया।
लोनावला ग्रामीण पुलिस और पुणे ग्रामीण एसपी संदीप सिंह गिल के नेतृत्व में हुई जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। हाल ही में क्राइम सीन री-क्रिएशन के बाद यह स्थान और अधिक चर्चा में आ गया है। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल को देखने और वहां रील बनाने के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र अब ‘डार्क टूरिज्म’ के रूप में उभरता नजर आ रहा है।

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