दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी में भीषण आग, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं।

नई दिल्ली। राजधानी में रिहायशी इलाकों में अव्यवस्थित पार्किंग और बिजली के शॉर्ट सर्किट से होने वाले हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में बीती रात एक दर्दनाक अग्निकांड में एक ही परिवार के तीन लोगों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है।
तुगलकाबाद एक्सटेंशन स्थित एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत में गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब 2:24 बजे आग लगने की सूचना गोविंदपुरी थाने को पीसीआर कॉल के जरिए मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसएचओ, एसीपी और जिले के डीसीपी मौके पर पहुंच गए। इलाके की संकरी गलियों के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दिल्ली फायर सर्विस की चार गाड़ियों और कैट्स एम्बुलेंस की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और बचाव अभियान चलाया। इस दौरान भारी धुएं के बीच फंसे आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सफदरजंग अस्पताल और एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने 28 वर्षीय पंकज, उनकी मां गुड्डी और बहन सोनी को मृत घोषित कर दिया। पंकज की नानी और एक अन्य बहन मोनी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट से हुई, जहां एक इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्जिंग पर लगा हुआ था। शॉर्ट सर्किट के बाद आग तेजी से फैल गई और वहां खड़े सात दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। वाहनों की टंकियां फटने और प्लास्टिक जलने से पूरी इमारत में कुछ ही देर में जहरीला धुआं भर गया, जिससे ऊपरी मंजिलों पर सो रहे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग का कारण फिलहाल शॉर्ट सर्किट और ई-स्कूटर चार्जिंग माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा एक बार फिर दिल्ली के घने रिहायशी इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, जहां बहुमंजिला इमारतें तो बन गई हैं, लेकिन वेंटिलेशन और सुरक्षित पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। संकरी गलियों में लटकते बिजली के तार और नीचे खड़ी गाड़ियों के बीच लगी आग लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। उल्लेखनीय है कि गत तीन जून को हौजरानी इलाके में एक अवैध होटल में लगी आग में 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे राजधानी में अग्नि सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरा गई हैं।




