अभिनेत्री एवं लेखिका कुसुम चौहान के कविता संग्रह ‘सुनो प्रियतम’ पर गढ़वाल भवन में हुई साहित्यिक परिचर्चा
कुसुम चौहान जल्द ही नई उत्तराखण्डी फीचर फिल्म ‘कंडाली’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका में दर्शकों के सामने नजर आएंगी।

राजू बोहरा / वरिष्ठ संवाददाता
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली स्थित गढ़वाल भवन के सभागार में आयोजित मासिक साहित्यिक संगोष्ठी इस बार जानी-मानी फिल्म, टेलीविजन एवं रंगमंच अभिनेत्री, कवयित्री और लेखिका कुसुम चौहान के दूसरे कविता संग्रह ‘सुनो प्रियतम’ को समर्पित रही। इस अवसर पर आयोजित विशेष परिचर्चा में हिंदी साहित्य और उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक दुनिया से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, लेखक, रंगकर्मी और कलाकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में हिंदी अकादमी दिल्ली द्वारा सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार पी.एस. केदारखंडी, वरिष्ठ साहित्यकार जगमोहन रावत ‘जगमोरा’, प्रसिद्ध कवि एवं लेखक सुशील बूड़ाकोटी, वरिष्ठ नाट्य निर्देशक लक्ष्मी रावत, सुप्रसिद्ध लोक गायिका कुसुम भट्ट सोभनी तथा वरिष्ठ रंगकर्मी महेंद्र सिंह लटवाल सहित कई गणमान्य साहित्यप्रेमियों ने सहभागिता की। सभी वक्ताओं ने कुसुम चौहान के नवीन काव्य संग्रह ‘सुनो प्रियतम’ की संवेदनशील अभिव्यक्ति, भावप्रधान लेखन शैली और मानवीय रिश्तों की गहन अनुभूतियों को अत्यंत सराहनीय बताया।

बतौर लेखिका कुसुम चौहान का यह दूसरा काव्य संग्रह है। इससे पूर्व उनका पहला कविता संग्रह ‘दिल के कोने में’ साहित्य प्रेमियों के बीच विशेष रूप से चर्चित रहा, जिसका विमोचन देश के पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा किया गया था। उनके प्रथम संग्रह को भी पाठकों और साहित्य जगत से व्यापक सराहना मिली थी।
परिचर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कुसुम चौहान ने अभिनय के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में भी अपनी एक सशक्त और संवेदनशील पहचान बनाई है। उनके लेखन में स्त्री मन की भावनाएं, प्रेम, संवेदना, सामाजिक सरोकार और जीवन के विविध अनुभव बेहद सहजता और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त होते हैं।

गौरतलब है कि कुसुम चौहान को हाल ही में नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में बिज़नेस उत्तरायणी के तत्वावधान में आयोजित “सेलेब्रेटिंग कम्युनिटी पिलर्स” श्रृंखला के अंतर्गत उनके अभिनय और साहित्यिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘लोक प्रहरी सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त उन्हें कला, रंगमंच और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अब तक अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है, जिनमें 9वां डॉ. सरोजिनी नायडू इंटरनेशनल अवार्ड-2025, यंग उत्तराखंड सिने अवार्ड, उत्तराखंड लोक संस्कृति सम्मान, प्रज्ञा आज थिएटर अवार्ड, डिजायर फिल्म फेस्टिवल अवार्ड, संगिनी क्लब एक्सीलेंस अवार्ड, अलकनंदा साहित्य सम्मान तथा ललित मोहन थपलियाल नाटक कला सम्मान प्रमुख हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित साहित्यकारों एवं कलाकारों ने कुसुम चौहान को उनके उज्ज्वल साहित्यिक एवं अभिनय भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि कुसुम चौहान जल्द ही नई उत्तराखण्डी फीचर फिल्म ‘कंडाली’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका में दर्शकों के सामने नजर आएंगी।




