जानलेवा धूप में एसी हेलमेट बन रहा है सहारा, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को राहत देने की कोशिश
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भीषण गर्मी में ड्यूटी करने वाले कर्मियों की राहत के लिए एसी हेलमेट और पोर्टेबल पंखा दिया है। इसके अलावा रिफ्रेशमेंट वैन भी चलाई जा रही है। ये कोशिशें नई दिल्ली रेंज में ट्रायल के तौर पर चल रही हैं। सफल रहने पर और एसी हेलमेट मंगाए जाएंगे। हेलमेट में थर्मोइलेक्ट्रिक तकनीक का इस्तेमाल होता है।

नई दिल्ली। तपती और चिलचिलाती गर्मी में धूप में करीब S घंटे तक ड्यूटी करने वाले ट्रैफिक कर्मियों की राहत देने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने एसी हेलमेट और पोर्टेबल पंखा दिया है। जिससे वह धूप का सामना कर सकें और अपने को सुरक्षित रख सकें। मदद के लिए रिफ्रेशमेंट वैन भी चलाई जा रही है। ये कोशिशें अभी ट्रायल के तौर पर नई दिल्ली रेंज में ही चल रही हैं। अगर यह सफल रहता है तो आगे और संख्या में एसी हेलमेट मंगाए जाएंगे।
पुलिस मुख्यालय एडिशनल कमिश्रनर ट्रैफिक विजयंता गोयल आर्या ने बताया कि नई दिल्ली रेंज में ट्रैफिक मूवमेंट काफी रहता है। इसलिए अभी नई दिल्ली इलाके में इसे ट्रायल के तौर पर शुरु किया गया है। ट्रायल के दौरान ट्रैफिक स्टाफ से बातचीत की जा रही है। अगर रिजल्ट अच्छा रहा तो उसे आगे बढ़ाया जाएगा। हेलमेट के अंदरूनी हिस्से में छोटे कूलिंग फैन या थर्मोइलेक्ट्रिक तकनीक का इस्तेमाल होता है।
नई दिल्ली रेंज के ट्रैफिक डीसीपी शोभित डी सक्सेना ने बताया कि रिफ्रेशमेंट वैन में 4 स्टाफ तैनात रहते है। वैन में ठंडे पानी के अलावा ओआरएस और नींबू पानी भी रहता है। यह वैन नई दिल्ली रेंज में चक्कर लगाती रहती है। खासकर तीन मूर्ति, संसद मार्ग और कर्तव्य पथ पर। हालांकि कॉल मिलते ही अलग-अलग जगहों पर जाकर ट्रैफिक कर्मियों राहत दी जाती है।
ट्रैफिक पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि एसी हेलमेट सिर को ठंडा रखता है, जिससे लू और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है। हेलमेट के अंदरूनी हिस्से में छोटे कूलिंग फैन या थर्मोइलेक्ट्रिक तकनीक का इस्तेमाल होता है, जो बाहर की गर्म हवा को ठंडा करके सिर तक पहुंचाते हैं। हहेलमेट में खास वेंट दिए जाते हैं, जो ठंडी हवा को सिर और चेहरे के ऊपरी हिस्से में समान रूप से बांटते हैं।




