दिल्ली में नालों की सफाई के दावों की खुली पोल, कई इलाकों में गंदगी से भरे नाले

दिल्ली में पीडब्ल्यूडी और एमसीडी के नालों की सफाई के दावों के बावजूद,मीडिया की पड़ताल में कई नाले कचरे से भरे मिले और निकाली गई गाद सड़कों पर ही छोड़ दी गई

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में नालों की सफाई को लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा 90 प्रतिशत और नगर निगम (एमसीडी) द्वारा 100 प्रतिशत कार्य पूरा होने के दावों की जमीनी हकीकत ने पोल खोल दी है। मीडिया की पड़ताल में शहर के कई हिस्सों में नाले अब भी कचरे और गाद से भरे हुए पाए गए।
पूर्वी, मध्य और दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों में नालों की स्थिति बेहद खराब नजर आई। न केवल नाले गंदगी से अटे पड़े हैं, बल्कि जिन नालों की सफाई की गई है, उनसे निकाली गई गाद को भी सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने विभागीय दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी एसी कमरों में बैठकर कागजों पर सफाई पूरी दिखा देते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल विपरीत हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सही तरीके से सफाई की जाती, तो जलभराव की समस्या से राहत मिल सकती थी।
मानसून की दस्तक से पहले यह स्थिति और चिंता बढ़ाने वाली है। बारिश होने पर सड़क किनारे पड़ी गाद दोबारा नालों में चली जाएगी, जिससे जल निकासी बाधित होने और जलभराव की समस्या बढ़ने की आशंका है।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि टैक्स के पैसे का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा है। विभागों को 30 जून तक सभी नालों की सफाई पूरी करनी थी, लेकिन मौजूदा हालात उनके दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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