दिल्ली में महिलाओं के हवाले होंगी महिला स्पेशल बसें, पैनिक बटन सीधे दिल्ली पुलिस के 112 से जुड़ेगा
दिल्ली की महिला स्पेशल बसें अब पूरी तरह महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित होंगी, जिनमें चालक, परिचालक और मार्शल सभी महिलाएं होंगी। डीटीसी इस योजना पर काम कर रही है और बसों में पैनिक बटन को सीधे दिल्ली पुलिस के 112 इमरजेंसी सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
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नई दिल्ली। दिल्ली के विभिन्न रूटों पर चल रहीं महिला स्पेशल बसें अब महिला कर्मचारियों के हवाले होंगी। इनमें चालक, परिचालक से लेकर बस मार्शल भी महिला पुलिस कर्मी होंगी। डीटीसी इस योजना पर काम कर रही है। अभी दिल्ली में 30 महिला स्पेशल बसें चल रही हैं, इनकी संख्या भी बढ़ाए जाने पर विचार किया जा रहा है।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को महिला सुरक्षा पर आयोजित बैठक में साफ किया कि महिला सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस बैठक में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस आयुक्त भी मौजूद थे। जिसमें यह भी तय किया गया जिन रूटों पर अधिक महिलाएं चलती हैं उनमें भी महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जो विभिन्न रूपों पर दौड़ रही है इनमें ज्यादातर विभिन्न कॉलेजों के आसपास से होती हुई निकलती हैे। जिनमें नार्थ कैंपस, साउथ कैंपस के अलावा दिल्ली के अन्य कॉलेजों के साथ साथ दिल्ली के बाहरी क्षेत्रों के वे इलाके भी शामिल हैं जिन पर महिला यात्रियों की संख्या अधिक बढ़ चुकी है। इनमें से कई रूटों पर महिला और पुरुषों की संख्या भी अधिक रहती है। ऐसे रूटों पर भी सुबह और शाम के समय महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती रहेगी।
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि अधिक महिलाओं की यात्रा वाले रूटाें के बारे में पिंक कार्ड की संख्या के आधार पर अध्ययन किया जा रहा है। जिन बसों में अधिक पिंक कार्ड उपयोग हो रहे हैं, उन रूटों पर भी सुबह और शाम के समय महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करने का अनुरोध किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक बैठक में बसों में लगे पैनिक बटन अलर्ट को सीधे दिल्ली पुलिस के 112 पीसीआर इमरजेंसी रिस्पांन्स सिस्टम से जोड़ा जाएगा। दिल्ली पुलिस ज़रूरी महिला स्टाफ उपलब्ध कराएगी। बसों में पुलिसकर्मियों की मदद के लिए महिला होम गार्ड मार्शल भी तैनात किए जा सकती हैं।




