कुख्यात वसूली किंग राजू मीणा गैंग पर मकोका के तहत 3000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, एडवोकेट पत्नी भी अरेस्ट
क्राइम ब्रांच ने कुख्यात वसूली गैंग के सरगना राजू मीणा और उसके साथियों के खिलाफ मकोका के तहत 3000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। साथ ही, 2025 में इस मामले में दर्ज एफआईआर के तहत अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच ने कुख्यात वसूली गैंग के सरगना राजकुमार उर्फ राजू मीणा और उसके साथियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (एमसीओसीए) के तहत 3000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में गिरोह से जुड़ी आरोपी और सरगना की पत्नी सुरेखा रानी को भी गिरफ्तार किया गया है।
डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि यह गिरोह पिछले कई वर्षों से पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाकर ब्लैकमेलिंग, धमकी और अवैध वसूली का संगठित नेटवर्क चला रहा था। जांच के दौरान 10 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों और अपराध से अर्जित धन का पता चला है।
पुलिस के अनुसार राजू मीणा वर्ष 2015 से सक्रिय था और अपने साथियों के साथ मिलकर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को छोटी रकम लेने के लिए उकसाता था। इसके बाद वह छिपे कैमरों से उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग करता था और वीडियो को एडिट कर पुलिसकर्मियों को निलंबन, विभागीय जांच या झूठे मुकदमों की धमकी देकर उनसे बड़ी रकम वसूलता था।
इस मामले में वर्ष 2025 में दर्ज एफआईआर के तहत अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें राजकुमार उर्फ राजू मीणा, मुकेश कुमार उर्फ पकौड़ी, संजय गुप्ता, जीशान अली और सुरेखा रानी शामिल हैं। सुरेखा रानी पेशे से अधिवक्ता है और कड़कड़डूमा कोर्ट में प्रैक्टिस करती है। पुलिस के अनुसार गिरोह ने अपराध से अर्जित धन से कई संपत्तियां सुरेखा के नाम पर खरीदी थीं।
क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान कई बैंक खातों, संपत्ति सौदों, आय संबंधी रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल की। इसमें आरोपियों की घोषित आय और उनके कब्जे में मिली संपत्तियों के बीच भारी अंतर पाया गया। साथ ही कई संपत्तियां परिजनों और सहयोगियों के नाम पर खरीदी गई थीं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।




