दिल्ली के नरेला में नगर निगम की लापरवाही से जर्जर शौचालय का पिलर गिरा, छह साल की बच्ची की मौत

राजधानी दिल्ली के नरेला में नगर निगम के जर्जर सार्वजनिक शौचालय का पिलर गिरने से छह साल की बच्ची तान्या की मौत हो गई। पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि स्थानीय लोगों ने निगम पर शिकायतें नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।

बाहरी दिल्ली। राजधानी में सरकारी तंत्र की लापरवाही ने छह साल की बच्ची की जान ले ली। नरेला औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत गांव होलंबी खुर्द में नगर निगम के सार्वजनिक जर्जर शौचालय का पिलर भरभरा कर गिर गया और मलबे के नीचे दबने से छह साल की बच्ची की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पिलर से रस्सी बांधकर बच्ची झूला झूल रही थी, इसी दौरान पिलर टूटकर बच्ची पर गिर गया। पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। स्थानीय निगम पार्षद का कहना है कि जर्जर हालत के कारण शौचालय को खतरनाक घोषित कर बंद कर रखा था। नए बनाने का काम प्रक्रियाधीन है।
यह दर्दनाक हादसा बीती रात नौ बजे के करीब हुआ। जानकारी के अनुसार, होलंबी खुर्द के मेट्रो विहार में बने नगर निगम के सार्वजनिक शौचालय के सेप्टिक टैंक के लोहे के गैस पाइप के पिलर के पास कुछ बच्चे खेल रहे थे। पिलर से रस्सी बांध कर झूला झूल रहे थे, इसी दौरान ईंटाें से बना पिलर भरभरा कर गिर गया। बताया जा रहा है कि पिलर का बड़ा हिस्सा वहां खेल रही बच्ची तान्या पर गिर गया। अन्य बच्चे बाल-बाल बच गए। गैस निकासी के लिए लगाए गए लोहे के पाइप के चारों ओर ईंटों का पिलर बनाया गया था।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर स्वामी ने बताया कि हादसे की सूचना के बाद एनआइए थाना पुलिस मेट्रो विहार, होलंबी खुर्द पहुंची तो एक ढके हुए सेप्टिक टैंक की सतह पर बेहोशी की हालत में छह साल की बच्ची मिली। उसे तुरंत नरेला के सत्यवादी राजा हरिश्चंद अस्पताल ले जाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि घटनास्थल एक पुराना ईंट का पिलर था जो बहुत खराब हालत में था। एक रस्सी थी जो एक सिरे से खंभे से बंधी हुई थी्र जबकि दूसरा सिरा दीवार पर लगी ग्रिल से बंधा हुआ था। उस रस्सी का इस्तेमाल पीड़ित लड़की झूले के तौर पर करती थी और जब वह उसका इस्तेमाल कर रही थी तो वह पिलर लड़की पर गिर गया।
तान्या के चाचा अनिल ने बताया कि शौचालय की जर्जर हालत को लेकर नगर निगम को कई बार अवगत कराया गया। 15 दिन पहले भी शिकायत दी थी।अगर नगर निगम ने शिकायत पर गौर किया होता तो आज तान्या हमारे बीच होतीं। अनिल ने बताया कि शौचालय लगभग 25 साल पुराना है। यहां चारों सीवर के मेनहाल पर ढक्कन नहीं हैं।

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