रोहिणी कोर्ट में मारे गए गैंगस्टर गोगी गिरोह का शूटर बलजीत गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गोगी गिरोह के कुख्यात शूटर बलजीत को शाहबाद डेरी में एक प्लाॅट पर कब्जा करने के लिए मालिक को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। बलजीत मई 2025 से फरार चल रहा था।

नई दिल्ली। शाहबाद डेरी इलाके में एक खाली प्लाॅट को कब्जा करने के लिए प्राॅपर्टी मालिक को धमकी देने में शामिल कुख्यात गैंग्सटर रहे जितेंद्र मान उर्फ गोगी गिरोह के शूटर बलजीत को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया है। सितंबर 2021 में विरोधी गिरोह के शूटरों ने रोहिणी कोर्ट रूम के अंदर गोगी की जज के सामने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। प्लाॅट मालिक को धमकी देने पर मई 2025 में केएन काटजू मार्ग थाने में गोगी के शूटरों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद से बलजीत फरार चल रहा था। कोर्ट ने उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था।
डीसीपी, नारा चैतन्य के मुताबिक 11 मई 2025 की दोपहर करीब ढाई बजे बलजीत समेत तीन बदमाश सफेद रंग की स्कॉर्पियो से शाहबाद डेरी इलाके में स्थित एक प्लाॅट पर पहुंचे थे। उन्होंने प्लाॅट पर काम करने वाले मजदूरों को घेरकर पहले तो उनसे प्लाॅट मालिक के बारे में पूछताछ की फिर उन्होंने खुद को गोगी गिरोह का सदस्य होने की बात बताते हुए धमकी दी कि प्लाॅट मालिक या तो प्लाॅट तुरंत खाली कर दे वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
रंगदारी और धमकी की सूचना मिलने के बाद प्लाॅट मालिक ने केएन काटजू मार्ग थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया था। जांच में एक बदमाश की पहचान बलजीत के रूप में हुई। मुकदमा दर्ज हो जाने पर गिरफ्तारी से बचने के लिए बलजीत अंडरग्राउंड हो गया था।
गोगी गिरोह की रंगदारी और प्रापर्टी पर कब्जे की हरकतों को देखते हुए स्पेशल सेल को बदमाशों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सेल की टीम बदमाशों के बारे में पता लगा ही रही थी कि 30 मई को सूचना मिली कि प्लाॅट मालिक को धमकी देने वाला बलजीत गोहाना (सोनीपत) इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने गोहाना रेड कर बलजीत को दबोच लिया।
पूछताछ में बलजीत ने बताया कि उसने 12वीं के बाद जम्मू यूनिवर्सिटी से जेबीटी का कोर्स किया था। इसके बाद 2017 में उसने गोहाना के एक अखाड़े में पहलवानी शुरू की, लेकिन 2019 में लगी एक गंभीर चोट के कारण उसे कुश्ती छोड़नी पड़ी। कुश्ती छूटने के बाद वह गोहाना मंडी में राजू नाम के एक शख्स के साथ आढ़ती का काम करने लगा। राजू की कुछ लोगों से दुश्मनी थी, जिसके चक्कर में बलजीत भी लड़ाई-झगड़े, दंगे और जानलेवा हमले जैसे मामलों में फंस गया। राजू के जरिए ही बलजीत की मुलाकात पूठ खुर्द के रहने वाले रोहित से हुई, जो गोगी गिरोह से जुड़ा हुआ था।
रोहित ने बलजीत से पांच लाख रुपये उधार लिए, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था। पैसे के बदले रोहित ने बलजीत को शाहबाद दौलतपुर में एक विवादित प्राॅपर्टी पर कब्जा दिलवाने का लालच दिया। इसी लालच में बलजीत अपने साथियों के साथ प्लाॅट पर धमकाने आ गया था। उसपर हरियाणा के अलग-अलग थानों में 10 से अधिक मामले दर्ज हैं।



