दिल्ली में फायर एनओसी के नए नियम लागू, प्राइवेट कंपनियां और एक्सपर्ट भी देंगे प्रमाण पत्र
दिल्ली सरकार ने दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियम, 2025 अधिसूचित किए हैं, जिससे अब निजी कंपनियां और विशेषज्ञ भी अग्नि सुरक्षा एनओसी जारी कर सकेंगे।

नई दिल्ली। राजधानी में भवनों की अग्नि से सुरक्षा संबंधी नियमों को लेकर दिल्ली सरकार ने बड़ा निर्णय किया है। इसके लिए सरकार ने दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियम, 2025 की अधिसूचना जारी कर दिया है। इसके लागू होने बाद दिल्ली में अब अग्नि सुरक्षा संबंधि अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने, सुरक्षा के उपाय और नियम के उल्लंघन पर जुर्माना प्रणाली में बड़े बदलाव हुए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव एनओसी को लेकर है। अब निजी कंपनियां और विशेषज्ञ भवनों की अग्नि सुरक्षा उपाय की जांच कर एनओसी जारी कर सकेंगे।
निजी विशेषज्ञ या कंपनियों को अग्नि सुरक्षा लेखा परीक्षक के रूप में नामित किया जाएगा। इन्हें दिल्ली अग्नि शमन सेवा के निदेशक के पास पंजीकृत होना अनिवार्य है। इनके द्वारा भवन के गहन निरीक्षण के बाद जारी किया गया अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र विशेष रूप से अग्निशमन सुरक्षा संबंधी एनओसी पूरी तरह से मान्य होगा। इससे एनओसी लेने में होने वाली देरी से लोगों को राहत मिलेगी। पहले अग्निशमन विभाग के पास कर्मियों की कमी के कारण लोगों को एनओसी लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
अग्निशमन प्रमाण पत्र की समय सीमा और उसकी वैधता पर निगरानी रखने के लिए विशेष प्रणाली तैयार की गई है। नए नियम के अनुसार प्रत्येक वर्ष अग्निशमन प्रमाण पत्र लेने के लिए -प्रपत्र क- में कुछ आवश्यक ऑनलाइन घोषणाएं करनी होगी।
संवेदनशील भवनों के लिए साइबर सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन करना अनिवार्य होगा। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए विभाग से संबंधित किसी भी काम के लिए नकद लेन-देन पर पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब सरकारी शुल्क या शमन शुल्क केवल बैंक ड्राफ्ट, पे ऑर्डर या ऑनलाइन पेंमेंट गेटवे के माध्यम से जमा होगा।
आग लगने की घटनाओं पर त्वरित व प्रभावी ढंग से काबू प्राप्त करने के लिए अग्नि प्रबंधन प्रणाली को पुनर्गठित किया गया है। पूरी राजधानी को मध्य, पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण पांच फायर जोन में विभाजित किया गया है। इनके अंदर 13 से अधिक छोटे मंडल काम करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस विकेंद्रीकृत व्यवस्था से अग्निशमन वाहनों की आवाजाही में सुधार हो सकेगा।
अग्नि सुरक्षा से संबंधित नियमों से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए भारी-भरकम जुर्माना लगाने का प्रविधान किया गया है। छोटे अपराधों के लिए उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी 10 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगा सकता है। बड़े मामलों में अग्निशमन सेवा के निदेशक को 50 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है।
जहां अग्नि सुरक्षा से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वालों से भारी भरकम जुर्माना वसूला जाएगा वहीं, दुर्घटना के समय अपनी जान को खतरे में डालकर अन्य लोगों का जीवन बचाने वाले आम नागरिकों और अग्निशमन विभाग के कर्मियों को पुरस्कृत करने का भी प्रविधान किया गया है। उत्कृष्ट कार्य के लिए निदेशक द्वारा एक लाख रुपये तक और मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा 75 हजार रुपये तक नकद पुरस्कार दिया जा सकता है। विशेष परिस्थितियों में सरकार की स्वीकृति से पुरस्कार की राशि एक लाख से अधिक हो सकती है।




