दिल्ली में राशन कार्ड बनवाने के नियम बदले, आय सीमा बढ़कर 2.5 लाख हुई; कैबिनेट ने दी मंजूरी

सरकार का कहना है कि यह फैसला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की खाद्य सुरक्षा और सामाजिक कल्याण सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में की गई घोषणा के अनुरूप है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार राशन वितरण प्रणाली को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है।

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी में खाद्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन कार्ड बनवाने की वार्षिक आय पात्रता सीमा 1.2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से लाखों निम्न और निम्न-मध्य आय वर्गीय परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो कम आय सीमा के कारण अब तक योजना से बाहर थे।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पहले निर्धारित आय सीमा वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं थी। उनका कहना है कि आज के समय में एक लाख रुपये वार्षिक आय किसी परिवार की न्यूनतम जरूरतों को भी पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पात्रता सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है ताकि अधिक जरूरतमंद लोगों तक सस्ती दरों पर राशन पहुंचाया जा सके।
सरकार का कहना है कि यह फैसला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की खाद्य सुरक्षा और सामाजिक कल्याण सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में की गई घोषणा के अनुरूप है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार राशन वितरण प्रणाली को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार सीबीडीसी (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) आधारित स्मार्ट राशन वितरण मॉडल लागू करने पर काम कर रही है। इस व्यवस्था में राशन सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में भेजी जाएगी जिससे वे अधिकृत दुकानों से जरूरत के अनुसार राशन ले सकेंगे। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और भविष्य में निजी बैंकों को भी इससे जोड़ा जा सकता है।
-अब 2.5 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवार राशन कार्ड के पात्र हो सकेंगे। उल्लेखनीय है कि पहले यह सीमा एक लाख रुपये थी जिसे बाद में 1.2 लाख किया गया और अब इसे फिर बढ़ाया गया है।
-राशन सब्सिडी भविष्य में सीधे डिजिटल वॉलेट में मिलने की योजना है।
-लाभार्थी अधिकृत दुकानों से अपनी सुविधा के अनुसार राशन ले सकेंगे।

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