बुराड़ी में भीषण आग के बीच हेड कांस्टेबल अमर सिंह ने बचाई13 लोगों की जान, 11 दृष्टिबाधित भी सुरक्षित निकाले

नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में दरोगा मार्केट स्थित एक इमारत में लगी भीषण आग के बीच थाना बुराड़ी के हेड कांस्टेबल अमर सिंह ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 13 लोगों की जान बचाई, जिनमें 11 दृष्टिबाधित छात्र भी शामिल हैं।
घटना 16/17 मई 2026 की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे की है, जब दरोगा मार्केट में आग लगने की सूचना मिली। उस समय क्षेत्र में गश्त कर रहे बीट अधिकारी हेड कांस्टेबल अमर सिंह को एक स्थानीय निवासी ने घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि भूतल की आठ दुकानें आग की चपेट में हैं और लपटें ऊपरी मंजिलों तक फैल चुकी हैं। इमारत की सीढ़ियां पूरी तरह आग की चपेट में थीं, जिससे लोगों का बाहर निकलना असंभव हो गया था। इसी दौरान उन्होंने दूसरी मंजिल पर एक महिला और एक पुरुष को आग और घने धुएं के बीच फंसा हुआ पाया। मुख्य द्वार आग की लपटों से घिरा हुआ था और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था। स्थानीय लोगों द्वारा दमकल विभाग को सूचना दी जा चुकी थी, लेकिन स्थिति बेहद गंभीर थी।
हेड कांस्टेबल अमर सिंह ने बिना समय गंवाए आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर हटाया और मौके से गुजर रहे एक ट्रक को रुकवाया। अपनी जान की परवाह किए बिना वह ट्रक की छत पर चढ़कर दूसरी मंजिल की बालकनी तक पहुंचे। घने धुएं और तेज लपटों के बीच उन्होंने फंसे हुए दोनों लोगों को एक-एक कर अपने कंधे पर उठाकर ट्रक की छत तक पहुंचाया और सुरक्षित स्थान पर ले गए। इस दौरान जहरीले धुएं के कारण उनकी हालत भी बिगड़ गई, लेकिन उन्होंने दोनों की जान बचाने में सफलता हासिल की।
इसके बाद उन्हें पता चला कि पास की इमारत में कुछ दृष्टिबाधित छात्र भी फंसे हुए हैं और आग वहां तक फैलने का खतरा है। उन्होंने तुरंत वहां पहुंचकर अलार्म बजाया और सभी 11 दृष्टिबाधित छात्रों को सीढ़ियों के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
विशेष बात यह रही कि हेड कांस्टेबल अमर सिंह ने यह पूरा बचाव कार्य अकेले ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग के पहुंचने से पहले अंजाम दिया। उनका यह साहसिक और निःस्वार्थ कार्य, जिसमें उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जान बचाई, पुलिस सेवा में कर्तव्यनिष्ठा और वीरता का उत्कृष्ट उदाहरण है।




