इतिहास में पहली बार दिल्ली के तीन बड़े अस्पतालों की कमान महिलाओं के हाथ
दिल्ली के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र में पहली बार तीन बड़े केंद्रीय अस्पतालों की कमान महिला डॉक्टरों को सौंपी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉ. अखिलांडेश्वरी प्रसाद को आरएमएल अस्पताल, डॉ. हिमानी आहलूवालिया को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और डॉ. कविता रानी शर्मा को सफदरजंग अस्पताल का निदेशक नियुक्त किया।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र में पहली बार ऐसा हुआ है, जब तीन बड़े केंद्रीय अस्पतालों का नेतृत्व महिला डॉक्टर संभालेंगी। यह देश के सबसे प्रभावशाली चिकित्सा संस्थानों में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन का प्रतीक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को डॉ. अखिलांडेश्वरी प्रसाद को अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल का निदेशक नियुक्त किया गया है। वहीं डॉ. हिमानी आहलूवालिया को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की निदेशक बनाया गया है। इसके अलावा डॉ. कविता रानी शर्मा को वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरगंज अस्पताल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह पहली बार है जब दिल्ली के तीन सबसे बड़े सरकारी तृतीयक चिकित्सा संस्थानों की कमान एक साथ महिला डॉक्टरों के हाथ में आई है।
रेडियो डायग्नोसिस के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. प्रसाद को तत्काल प्रभाव से एबीवीआईएमएस और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल का निदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि शरीर क्रिया विज्ञान की निदेशक प्रोफेसर डॉ. अहलूवालिया 9 जुलाई से लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज का कार्यभार संभालेंगी। एनेस्थीसिया की निदेशक प्रोफेसर डॉ. शर्मा को तत्काल प्रभाव से VMMC और सफदरजंग अस्पताल का निदेशक नियुक्त किया गया है। उन्हें इससे पहले मार्च में इसके निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस में गोल्ड मेडलिस्ट और आरएमएल अस्पताल से रेडियोडायग्नोसिस में एमडी की डिग्री प्राप्त डॉ. अखिलांडेश्वरी प्रसाद ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि वह लगभग तीन दशकों से आरएमएल अस्पताल और एबीवीआईएमएस से अकादमिक और प्रशासनिक भूमिकाओं में जुड़ी हुई हैं, जिसमें रेडियोडायग्नोसिस के प्रमुख के रूप में उनका पद भी शामिल है। डॉ. अखिलांडेश्वरी प्रसाद ने कहा कि ‘उनकी प्राथमिकता मरीज-केंद्रित सेवाओं को मजबूत करना, सुपर-स्पेशियलिटी ब्लॉक को पूरी तरह चालू करना, अस्पताल के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और पेपरलेस हेल्थकेयर सिस्टम को बढ़ावा देना होगा।’
वहीं डॉ. कविता रानी शर्मा ने बताया कि ‘सफदरजंग अस्पताल देश के सबसे बड़े तृतीयक चिकित्सा संस्थानों में से एक है, जहां प्रतिदिन करीब 13 हजार ओपीडी मरीज आते हैं। उनका फोकस मरीजों की बेहतर देखभाल, मेडिकल शिक्षा और रिसर्च को मजबूत करने पर रहेगा।’ ये तीनों संस्थान हर साल लाखों मरीजों को इलाज उपलब्ध कराते हैं और मेडिकल शिक्षा व राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अहम भूमिका निभाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये नियुक्तियां देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में महिला नेतृत्व की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती हैं।




