डीएनडी केएमपी एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरेंगे वाहन, नोएडा से फरीदाबाद सफर होगा आसान
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के शेष 9 किमी हिस्से के खुलने से दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच यात्रा का समय बचेगा, यातायात सुगम होगा और प्रदूषण में कमी आएगी।

दक्षिणी दिल्ली। डीएनडी महारानी बाग से जैतपुर पुश्ता रोड तक का नौ किलोमीटर का हिस्सा शुरू होने के बाद दिल्ली समेत नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के लोगों को भी आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी और उनका समय भी बचेगा। एक्सप्रेसवे का जैतपुर पुश्ता रोड से आगे फरीदाबाद सेक्टर-65 तक का 24 किलोमीटर का हिस्सा और सेक्टर-65 से आगे सोहना तक 26 किलोमीटर का हिस्सा पहले से ही चालू है। इस हिस्से के शुरू होते ही दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद से फरीदाबाद, पलवल आने-जाने वाले हजारों वाहन चालकों को तेज और सुगम रास्ता मिल जाएगा, जो मथुरा रोड और कालिंदी कुंज का विकल्प भी बनेगा। जगह-जगह सिग्नल के चलते मथुरा रोड जहां अक्सर जाम की चपेट में रहता है तो वहीं प्रमुख चौराहों में से एक कालिंदी कुंज पर भारी यातायात दबाव भी ट्रैफिक को जाम कर देता है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को नौ किलोमीटर के तैयार हिस्से के साथ फरीदाबाद सेक्टर-65 तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया।
मीठापुर चौक पर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पहले ही बना दिए गए हैं, जिससे दक्षिण दिल्ली के लोगों को खास लाभ मिलेगा। डीएनडी से मीठापुर तक आने वाले भी इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकेंगे और उन्हें जाम से मुक्ति मिलेगी। दक्षिणी दिल्ली के लोगों को सोहना जाने में पहले ढाई घंटे लगते थे। अब लोग वहां तक 28 मिनट में पहुंच रहे हैं और 30 मिनट में बड़ौदा-मुंबई हाइवे टच कर जा रहे हैं। भारतमाला परियोजना के तहत डीएनडी से सोहना तक विकसित इस एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 59.063 किलोमीटर है, जिसकी अनुमानित लागत 4,463 करोड़ रुपये है।
यह कॉरिडोर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना को एक हाई-स्पीड, सिक्स-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के माध्यम से जोड़ेगा। निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के नौ किलोमीटर बचे हिस्से का भी काम पूरा हो गया है। अगले 20 दिनों में भार परीक्षण का भी काम कर लिया जाएगा। लोकार्पण के लिए पीएमओ को प्रपोजल भेजा जाएगा। उम्मीद है कि जून के दूसरे सप्ताह में इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
2015 में ही तैयार हुई थी दिल्ली को जाम मुक्त करने की योजना
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि वर्ष 2015 में जब मोदी सरकार आई, तब ही दिल्ली को जाम मुक्त करने की योजना बनाई गई। ईज आफ मोबिलिटी और पाल्यूशन फ्री करने का उद्देश्य था। इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। कई योजनाएं पूरी हो गईं हैं, कई परियोजनाओं पर इस वर्ष अंत तक काम शुरू हो जाएगा। कुछ के डीपीआर जल्द फाइनल होने वाले हैं। वहीं 31.425 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के माध्यम से एक साल में दिल्ली-मुम्बाई एक्सप्रेसवे जेवर एयरपोर्ट से जुड़ जाएगा। इस प्रोजेक्ट को लगभग 2,360 करोड़ की अनुमानित लागत से बनाया जा रहा है। पूरा होने पर उत्तर भारत से आने वाला ट्रैफिक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) के रास्ते नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच सकेगा, जिससे दिल्ली पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।
इसके साथ ही दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से आने वाला ट्रैफिक भी सीधे व सुगमता के साथ नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंच सकेगा। इस प्रोजेक्ट में चार बड़े इंटरचेंज शामिल हैं, जो डीएनडी-सोहना हाईवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डीएफसीसी क्रासिंग पर बने हैं।




