‘कुत्तों की तरफ से’ की गई इंसानों की ‘दावत’… ठंडा शर्बत पिलाया; गर्म समोसे, स्नेक्स व मठरियां खिलाई गईं

लोकी एनिमल शेल्टर टीम ने शामली में 'कुत्तों की तरफ से इंसानों की सेवा' थीम पर जागरूकता शिविर लगाया। इस दौरान टीम ने राहगीरों को शीतल जल, समोसे व बिस्कुट बांटे और आवारा कुत्तों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया।

शामली/उत्तर प्रदेश। जिले में बेजुबानों के प्रति क्रूरता रोकने और समाज में मानवता का भाव जगाने के लिए बुधवार को अनूठी और सराहनीय पहल देखने को मिली। लोकी एनिमल शेल्टर टीम की ओर से एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसकी थीम कुत्तों की तरफ से इंसानों की सेवा रही, जिसने वहां से गुजरने वाले हर राहगीर का ध्यान खींचा। इस दौरान संस्था के सदस्यों ने मीठा पानी और समोसे-बिस्कुट आदि भी बांटे।
लोकी एनिमल शेल्टर टीम ने कार्यक्रम का आयोजन कैराना रोड पर गुलजारी मंदिर के सामने किया। सदस्यों ने ‘कुत्तों की तरफ से’ सड़क से गुजरने वाले लोगों को रोक कर ठंडा-मीठा व शीतल जल पिलाकर प्यास बुझाई। इसके साथ ही समोसे, बिस्कुट, मठरी और नमकीन जैसे स्नैक्स का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बेजुबान जानवरों, विशेषकर आवारा कुत्तों के प्रति बढ़ रही नफरत और गलतफहमियों को दूर करना था। लोगों और वाहन चालकों को पंपलेट वितरित किए, जिस पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश लिखा हुआ था।
लोगों को इस बारे में बताया कि सिर्फ बधियाकरण ही आवारा कुत्तों की संख्या को रोकने का तरीका है। रेबीज से संक्रमित कुत्ते को खुद नहीं मारा जा सकता, विशेषज्ञ बुलाना पड़ता है। सदस्यों ने अपील की कि बेजुबान जानवर बोल नहीं सकते, इसलिए उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाएं। इस दौरान लोगों का कहना था कि ऐसे आयोजनों से समाज में न केवल भाईचारा और इंसानियत बढ़ती है, बल्कि पशुओं के प्रति लोगों का नजरिया भी बदलता है। कार्यक्रम में लोकी टीम कुत्तों को लेकर भी पहुंची थी। बड़ी संख्या में टीम से महिलाएं, युवती और युवा मौजूद रहे। वहीं, लोकी टीम की ओर से आज यानी गुरुवार को शहर के झिंझाना रोड पर स्थित एमएस फार्म पर शिविर का आयोजन किया जाएगा।

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