यमुनापार में नियमों की अनदेखी कर चल रहे सैकड़ों होटल, पार्किंग न होने से सड़कों पर अतिक्रमण
यमुनापार में सौ से अधिक होटल नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर पार्किंग करवा रहे हैं, जिससे वाहन चालकों व स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। दिल्ली सरकार के सर्वे के बाद एसडीएम ने कार्रवाई शुरू की है, लेकिन एक महिला पार्षद इसमें बाधा डाल रही हैं।

पूर्वी दिल्ली। यमुनापार क्षेत्र में नियमों की अनदेखी करते हुए सौ से अधिक होटल संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से अधिकांश में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। आरोप है कि होटल संचालकों ने नगर निगम अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सड़कों और गलियों को ही पार्किंग स्थल में बदल दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर अवैध पार्किंग के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। पार्षदों और विधायकों द्वारा इस मुद्दे को कई बार उठाया गया, लेकिन ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी है।
हौजरानी में एक होटल में आग लगने से 23 लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार द्वारा सभी होटलों का सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे में सामने आया है कि कई होटल संचालक जानबूझकर भूतल पर पार्किंग नहीं बनाते, ताकि भवन की ऊंचाई 12.5 मीटर से अधिक न हो और उन्हें फायर विभाग से एनओसी लेने की बाध्यता से बचा जा सके। हालांकि नगर निगम ने नियमों में बदलाव करते हुए अब सभी होटलों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य कर दी है।
इसके बावजूद कई होटल संचालक पार्किंग की निर्धारित जगह पर दुकानें और शोरूम चला रहे हैं, जबकि होटल में आने वाले लोग अपने वाहन सड़कों और गलियों में खड़े करते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
पूर्वी जिले के एसडीएम ने विश्वास नगर क्षेत्र में सख्ती दिखाते हुए सर्वे अभियान शुरू किया है और कई होटलों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। सूत्रों के अनुसार, जैसे-जैसे कार्रवाई का दायरा बढ़ रहा है, एक महिला पार्षद द्वारा इसमें बाधा डालने के प्रयास किए जा रहे हैं और प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी होटल को बख्शा नहीं जाएगा।
उत्तर-पूर्वी जिला विकास समिति के चेयरमैन जितेंद्र महाजन ने कहा कि जिन होटलों में नियमों का उल्लंघन हो रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश करता है तो उससे भी सख्ती से निपटा जाएगा। उनका कहना है कि जब होटल संचालक व्यवसाय कर रहे हैं और लाभ कमा रहे हैं तो उन्हें पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी करनी चाहिए।




