तिहाड़ जेल में हुआ ‘स्किल टैलेंट हंट-2026’ का भव्य ग्रैंड फिनाले, बंदियों ने गायन, नृत्य, संगीत, चित्रकला, कविता और अभिनय में दिखाई प्रतिभा
तिहाड़ में एआईजी पंकज कुमार जी और डीआई जीकुलदीप सिंह जी द्वारा एक लाइबेरी का उद्घाटन और जेल में ही वृक्षारोपण का भी किया गया।

Raju Bohra / Senior Correspondent
नई दिल्ली 27 सितंबर। दिल्ली जेल प्रशासन एवं एनजीओ आर्ट क्रिएशंस कल्चरल सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में सेंट्रल जेल नंबर 8/9, तिहाड़ में ‘तिहाड़ स्किल टैलेंट हंट-2026’ के ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों में छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्हें कौशल विकास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था। कार्यक्रम का संदेश ‘हुनर से उड़ान, स्किल से पहचान, भविष्य की ओर नई पहचान’ रहा।

करीब 11 दिनों तक चले इस प्रतिभा खोज आयोजन में बंदियों ने गायन, नृत्य, वाद्य संगीत, चित्रकला, कविता पाठ और अभिनय सहित विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन विजेता के रूप में किया गया।

प्रतिभागियों की प्रतिभा का आकलन करने के लिए पंजाबी पॉप गायक भूपेंद्र सिंह भूपी, पार्श्व गायक दीपक राणा, गायिका खुशबू लता, चरणजीत साकला तथा मेंटर साजिद अली और मनीष ठाकुर मौजूद रहे। मुख्य अतिथि के रूप में अतिरिक्त महानिदेशक पंकज कुमार (आईएएस) तथा उप महानिदेशक कुलदीप सिंह (दानिक्स) उपस्थित रहे।
महानिदेशक (जेल) आनंद मोहन (आईपीएस) ने अपने शुभकामना संदेश के माध्यम से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन सेंट्रल जेल 8/9 के अधीक्षक धीरज माथुर तथा जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की देखरेख में किया गया।

साथ ही तिहाड़ में एआईजी पंकज कुमार जी और डीआई जीकुलदीप सिंह जी द्वारा एक लाइबेरी का उद्घाटन और जेल में ही वृक्षारोपण का भी किया गया।
कार्यक्रम के प्रायोजक एवं सहयोगियों में स्काई हाइट ग्लोबल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन मनोज कुमार, म्यूजिक वन रिकॉर्ड्स, रेंट एन राइड चित्राका ई-बाइक के विजय सिंह शामिल रहे। संस्था के अध्यक्ष नरेश बैसला एवं महासचिव रचना जैन ने बताया कि संस्था इससे पहले संगीत एवं नृत्य आधारित रियलिटी शो ‘तिहाड़ आइडल’ के विभिन्न सीजन का आयोजन भी कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बंदियों की रचनात्मक प्रतिभा को सकारात्मक दिशा देना और उनमें आत्मविश्वास की भावना विकसित करना है। कार्यक्रम के प्रोग्राम डायरेक्टर आयुष बैसला थे।




