पव्वाधार की बेटी भावना बिष्ट ने नॉर्थ जोन एथलेटिक्स में लहराया परचम, शॉट पुट में जीता रजत पदक

राजू बोहरा /विशेष संवाददाता नई दिल्ली
गंगोलीहाट/पिथौरागढ़। सीमित संसाधनों और शुरुआती दौर में बिना नियमित पेशेवर प्रशिक्षण के खेल का सफर शुरू करने वाली पव्वाधार की बेटी भावना बिष्ट ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर नॉर्थ जोन स्तर की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार उपलब्धि हासिल की है। देहरादून में 14 से 16 सितंबर तक आयोजित 37वीं नॉर्थ जोन जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भावना ने शॉट पुट (गोला फेंक) स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया।
ग्राम सभा पव्वाधार निवासी त्रिलोक सिंह बिष्ट की पुत्री भावना की इस उपलब्धि से गंगोलीहाट के साथ ही पूरे पिथौरागढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल है। प्रतियोगिता में उत्तराखंड समेत आठ राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 900 खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिभाग किया। ऐसे में नॉर्थ जोन स्तर पर पदक जीतना भावना के खेल करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
भावना वर्तमान में शहीद पवन सिंह राजकीय महाविद्यालय, गंगोलीहाट में द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। एथलेटिक्स के क्षेत्र में उन्होंने इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। स्कूल एवं कॉलेज स्तर की राज्य प्रतियोगिताओं के अलावा यूनिवर्सिटी गेम्स और उत्तराखंड स्टेट मीट में वह कई स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
बेहतर प्रशिक्षण ने दी प्रतिभा को नई उड़ान
भावना की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने में बेहतर प्रशिक्षण का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। पिछले वर्ष उनके पिता त्रिलोक सिंह बिष्ट ने बेटी की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए समाजसेवी डी. एस. सुगड़ा से सहयोग का अनुरोध किया था। इसके बाद सुगड़ा पव्वाधार पहुंचे और भावना तथा उनके परिवार से मुलाकात की।
भावना की खेल क्षमता और प्रतिभा को देखते हुए उन्होंने अपने स्तर पर प्रयास कर उन्हें महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में बेहतर प्रशिक्षण का अवसर दिलाने में सहयोग किया। इसके बाद नियमित एवं बेहतर प्रशिक्षण के साथ भावना ने अपनी मेहनत जारी रखी और अब नॉर्थ जोन प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
पहाड़ की बेटियों के लिए प्रेरणा है भावना की सफलता
समाजसेवी डी. एस. सुगड़ा ने भावना की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि ऐसी प्रतिभाओं को समय रहते पहचानकर उन्हें प्रोत्साहन और उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि भावना की सफलता उन बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि निरंतर अभ्यास, बेहतर प्रशिक्षण और मेहनत के बल पर भावना आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगी।
सुगड़ा ने भावना की इस उपलब्धि के लिए उन्हें, उनके माता-पिता और प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। भावना की इस सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि पहाड़ की बेटियों में प्रतिभा और हौसले की कोई कमी नहीं, जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच और अवसर देने की है।




