10 अगस्त को मनाया गया विश्व मानव दिवस, डॉ. प्रभाकर राव चावरे के वैज्ञानिक योगदानों को किया गया स्मरण

राजू बोहरा / वरिष्ठ संवाददाता
नई दिल्ली। मानव की उत्पत्ति, विकास और अस्तित्व से जुड़े वैज्ञानिक चिंतन को समर्पित विश्व मानव दिवस 10 अगस्त को मनाया गया। यह दिवस प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक एवं समाजसेवी स्वर्गीय डॉ. प्रभाकर राव चावरे के जन्मदिवस के अवसर पर उनके वैज्ञानिक योगदानों को स्मरण करते हुए मनाया गया।
डॉ. प्रभाकर राव चावरे ने मानव उत्पत्ति और विकास को लेकर ‘स्व-उत्पतिवादी सिद्धांत’ प्रस्तुत किया था। वर्ष 2012 में प्रकाशित उनकी पुस्तक ‘आनुवंशिक अभियांत्रिकी के लिए विज्ञान’ में उन्होंने मानव उत्पत्ति और विकास से संबंधित अपने वैज्ञानिक विचार एवं अध्ययन प्रस्तुत किए। उनका मत था कि प्रथम मानव की उत्पत्ति को प्रकृति की स्वाभाविक प्रक्रिया के संदर्भ में समझा जाना चाहिए।

मानव की उत्पत्ति और विकास को लेकर डॉ. चावरे के अध्ययन एवं शोध उनके वैज्ञानिक चिंतन और जिज्ञासु दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
डॉ. चावरे द्वारा स्थापित टेक्निकल प्रोफेशनल एजुकेशन इन इंडिया फाउंडेशन सहित अन्य संस्थानों की ओर से उनके जन्मदिवस 10 अगस्त को विश्व मानव दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर उनके वैज्ञानिक योगदानों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
विश्व मानव दिवस मानव की उत्पत्ति, विकास और अस्तित्व से जुड़े प्रश्नों पर वैज्ञानिक चिंतन को आगे बढ़ाने का अवसर है। डॉ. प्रभाकर राव चावरे की स्मृति में मनाया गया यह दिवस उनके वैज्ञानिक कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ मानव विकास के रहस्यों पर निरंतर शोध और चिंतन की प्रेरणा देता है।




