यमुनापार में बेसहारा गोवंश का आतंक,सड़कों पर बढ़ा खतरा
यमुनापार की सड़कों पर बेसहारा गोवंश राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। पार्षद शशि चांदना पर हमले के बाद अवैध डेयरी संचालकों और नगर निगम की मिलीभगत पर सवाल उठ रहे हैं।

पूर्वी दिल्ली। यमुनापार क्षेत्र की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश अब राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। सड़कों पर झुंड बनाकर खड़े ये पशु अचानक हमलावर हो जाते हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बीते बुधवार मंडावली वार्ड की पार्षद शशि चांदना पर उस समय हमला हो गया, जब वह अपने कार्यालय जा रही थीं। श्रीराम चौक के पास अचानक एक गोवंश ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़कों पर घूम रहे ये गोवंश अवैध डेयरी संचालकों के हैं, जिनके खिलाफ शिकायतों के बावजूद नगर निगम प्रभावी कार्रवाई नहीं करता। गीता कॉलोनी, मंडावली, आइपी एक्सटेंशन, गणेश नगर और गोकलपुरी जैसे इलाकों की सड़कों पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में बेसहारा गोवंश देखे जा सकते हैं। व्यस्त बाजारों और मुख्य सड़कों पर इनकी मौजूदगी के कारण जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई मामलों में ये पशु अचानक लोगों पर हमला भी कर देते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मंडावली, खिचड़ीपुर, गाजीपुर और गोकलपुरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध डेयरी संचालन हो रहा है। डेयरी संचालक दूध निकालने के बाद पशुओं को खुले में छोड़ देते हैं। मंडावली के चिल्ड्रन पार्क, हेडगेवार पार्क और श्रीराम चौक जैसे स्थानों पर सैकड़ों पशु खुले में घूमते नजर आते हैं।
लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ डेयरी फार्म रेलवे कॉलोनी के घरों के बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। जगह की कमी के चलते संचालक पशुओं को सड़क किनारे चारा डालकर छोड़ देते हैं, जिससे सड़कों पर खतरा और बढ़ जाता है। नागरिकों का यह भी आरोप है कि नगर निगम के कुछ कर्मचारी डेयरी संचालकों से मिले हुए हैं। कार्रवाई से पहले ही संचालकों को सूचना मिल जाती है, जिससे वे बच निकलते हैं।
हालांकि, निगम अधिकारियों का कहना है कि अवैध डेयरियों और बेसहारा पशुओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। निगम अधिकारी डॉ. कंचन के अनुसार, मई 2026 से अब तक 17 आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजा गया है। दो अवैध डेयरियां ध्वस्त की गई हैं, जबकि मंडावली और फाजलपुर क्षेत्र में पांच डेयरियां सील की जा चुकी हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या जस की तस बनी हुई है और सड़कों पर आवारा गोवंश का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है।




