दिल्ली में 45 साल पुराने मकानों को ढहाया, होटल-दुकान समेत 143 इमारतें ध्वस्त; अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनी तैनात

दिल्ली के शालीमार गांव में 45 साल पुराने 143 अवैध निर्माणों को रविवार को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

बाहरी दिल्ली। भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बीच रविवार को शालीमार गांव में 45 साल पुराने अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया। 14 घंटे से ज्यादा समय चली इस कार्रवाई के दौरान दर्जनभर बुलडोजर की मदद से 143 इमारतों व ढांचाें में से अधिकांश को ढहा दिया गया, इनमें ज्यादातर बहुमंजिला भवन हैं। इमारतों में 40-50 दुकानों के अलावा कुछ होटल भी चल रहे थे।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्ध सैनिक बलों की 10 कंपनी तैनात की गईं। आजादपुर अंडरपास से मैक्स अस्पताल रोड सुबह चार बजे से लेकर रात आठ बजे तक आवाजाही के लिए पूर्णत: बंद रहा। पल-पल की गतिविधि पर नजर रखने के लिए गांव के आसमान पर दिनभर ड्राने मंडराते रहे।
डीडीए, पीडब्ल्यूडी, राजस्व, नगर निगम, पुलिस समेत कई एजेंसियों के अधिकारी-कर्मचारियों की संयुक्त टीम की देखरेख में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के विधानसभा क्षेत्र के शालीमार गांव में बनीं अवैध इमारतों पर रविवार तड़के चार बजे बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई।
पुलिस ने कल देर रात को शालीमार गांव में आजादपुर अंडरपास से लेकर मैक्स अस्पताल टी-प्वाइंट तक रोड को दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया। अवैध निर्माण वाली जगह की चारों ओर से घेराबंदी की गई। इस जगह तक मीडिया समेत किसी को भी जाने की इजाजत नहीं थी। दिनभर अवैध ढांचे गिराने का काम चलता रहा। शाम छह बजे तक 143 अवैध इमारतों में से ज्यादातर को ढहा दिया गया।
गत 10 जनवरी को किए गए संयुक्त सर्वेक्षण में पाया गया कि निर्धारित 30 मीटर राइट आफ-वे के भीतर कुल 143 अनधिकृत पक्के निर्माण पाए गए हैं, इनमें लगभग 19.5 मीटर क्षेत्र में मौजूदा सड़क है, जबकि लगभग 10.5 मीटर क्षेत्र अतिक्रमण के कारण अवरुद्ध है।
बता दें कि राजस्व विभाग ने इस क्षेत्र में बनी लगभग 143 इमारतों को खाली करने के लिए 30 मई तक का अल्टीमेटम दिया था। 29 मई को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इन्कार कर दिया था। इसी दिन से लोगों ने खुद अवैध निर्माण तोड़ने शुरू किए, इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपना सामान समेट कर अन्यत्र चले गए। इस बीच, उत्तर पश्चिम दिल्ली जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनी तैनात की गई हैं। ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
मध्य-उत्तर जिले के डीएम एसएस परिहार ने बताया कि दिल्ली सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावित पात्र परिवारों के लिए विशेष सहायता पैकेज भी घोषित किया है। इसके अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार अथवा इकाई को तीन लाख रुपये की एकमुश्त एक्स-ग्रेशिया सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त जिन परिवारों के पास दिल्ली में कोई वैकल्पिक आवास उपलब्ध नहीं है, उन्हें सावदा घेवरा स्थित आवासीय इकाइयों में 11 माह तक लाइसेंस आधारित अस्थायी आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

Related Articles

Back to top button