टाइगर श्रॉफ हमले की जांच में बिश्नोई गिरोह का नाम, विदेशों से नेटवर्क चलाने का दावा
जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह को अब 'शैडो कैबिनेट' चला रही है, जो विदेशों से अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस को अंजाम देती है।

नई दिल्ली,एजेंसी। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कथित हमले के प्रयास की जांच के बीच गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लॉरेंस बिश्नोई के गुजरात की साबरमती जेल में बंद होने के बावजूद उसके गिरोह की गतिविधियां जारी रहने को लेकर जांच एजेंसियां कथित तौर पर नेटवर्क के विदेशों में सक्रिय सदस्यों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, नेटवर्क से जुड़े कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, गिरोह के कुछ सहयोगी विदेशों में रहकर कथित तौर पर नेटवर्क के संचालन, नए सदस्यों की भर्ती, आर्थिक संसाधनों और स्थानीय स्तर पर गतिविधियों के समन्वय में भूमिका निभा रहे हैं। इन गतिविधियों के लिए डिजिटल माध्यमों और सामाजिक मीडिया मंचों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, टाइसन बिश्नोई, अनिल पंडित, हरि बॉक्सर, हरमन संधू और हिमांशु सोनीपत समेत कुछ नामों को नेटवर्क के अलग-अलग हिस्सों से जोड़ा जा रहा है। वहीं आरजू बिश्नोई, शुभम लोनकर और रणदीप मलिक पर कथित तौर पर योजना, वित्तीय व्यवस्था और लक्ष्य तय करने से जुड़े कामों में भूमिका होने का दावा किया गया है। इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सूत्रों के अनुसार, रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ को भी नेटवर्क के प्रमुख संचालकों में बताया जा रहा है। दावा है कि विदेशों में मौजूद कुछ सदस्य स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए संदेश और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की वास्तविक संरचना और अलग-अलग आरोपियों की भूमिका की जानकारी जुटा रही हैं।
अनिल पंडित को गिरोह का कथित सार्वजनिक प्रवक्ता बताया जा रहा है। उसके बारे में दावा है कि वह सामाजिक मीडिया के जरिए धमकियों और गिरोह से संबंधित संदेश प्रसारित करता है। इसी तरह हिमांशु सोनीपत पर हरियाणवी गायक दिलेर खड़किया की गाड़ी पर गोलीबारी और हिसार अदालत परिसर के बाहर हुई हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। इन घटनाओं में संबंधित जांच एजेंसियों की आधिकारिक पुष्टि और आरोपों की न्यायिक स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले में पुलिस ने अब तक कई पहलुओं पर जांच शुरू की है। अधिकारियों की ओर से आरोपियों की भूमिका, हमले के पीछे संभावित मकसद और किसी बड़े नेटवर्क से उनके संबंधों की जांच की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में बिश्नोई गिरोह के किसी सदस्य की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका थी या नहीं।




