अभिज्ञान ऐप से पुलिसिंग होगी हाईटेक, 35 सेकंड में होगी अपराधियों की पहचान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) का 'अभिज्ञान' एप लॉन्च किया है। यह एप पुलिस को संदिग्धों और अपराधियों की फिंगरप्रिंट से 35 सेकंड में पहचान करने में मदद करेगा।

नई दिल्ली/एजेंसी। देश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सशक्त व आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा विकसित ‘अभिज्ञान’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया, जिससे पुलिस अब किसी भी संदिग्ध या अपराधी की पहचान महज 35 सेकंड में कर सकेगी।
यह ऐप फिंगरप्रिंट आधारित पहचान प्रणाली पर काम करता है और पुलिस को मौके पर ही संदिग्ध व्यक्ति के अंगुलियों के निशान स्कैन कर उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराता है। अब तक इस प्रक्रिया के लिए नमूनों को फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में भेजना पड़ता था, जिसमें कई दिन या सप्ताह लग जाते थे, लेकिन नई तकनीक के जरिए यह कार्य कुछ ही सेकंड में संभव हो सकेगा।
गृह मंत्रालय के अनुसार, इस ऐप को नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) के केंद्रीय सर्वर से जोड़ा गया है, जिसमें देशभर के 1.29 करोड़ से अधिक अपराधियों के फिंगरप्रिंट और उनके आपराधिक रिकॉर्ड पहले से दर्ज हैं। जैसे ही किसी नए अपराधी का विवरण जोड़ा जाएगा, यह डेटाबेस तुरंत अपडेट हो जाएगा। इस नई व्यवस्था से न केवल अपराधियों की त्वरित पहचान संभव होगी, बल्कि जांच प्रक्रिया भी तेज होगी और अपराधियों के बच निकलने की संभावनाएं कम होंगी। यदि कोई अपराधी एक राज्य में अपराध कर दूसरे राज्य में छिपता है, तो वहां की पुलिस भी इस ऐप के माध्यम से उसका पूरा आपराधिक इतिहास तत्काल प्राप्त कर सकेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, फिंगरप्रिंट को अदालत में सबसे मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य माना जाता है, ऐसे में इस ऐप के उपयोग से दोषियों को सजा दिलाने की दर में भी सुधार होने की उम्मीद है। इस पहल को देश के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को डिजिटल और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Related Articles

Back to top button