दिल्ली में 21 साल बाद मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू, 30 जून से घर-घर पहुंचेगी टीम
दिल्ली में 30 जून से वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) अभियान शुरू हो रहा है, जिसमें BLO घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करने के लिए चुनाव आयोग ने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) अभियान शुरू किया है। करीब 21 साल बाद इतने बड़े स्तर पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि यह अभियान मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। जिन लोगों का वोटर आईडी अभी तक नहीं बना है या उसमें किसी प्रकार की गलती है, उनके लिए इसे ठीक कराने का यह अच्छा अवसर है।
अभियान के तहत लगभग 13 हजार बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) 30 जून से घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। यदि कोई व्यक्ति पहली बार में घर पर उपलब्ध नहीं होता है, तो टीम कम से कम तीन बार उसके घर जाएगी। सर्वे के दौरान प्रत्येक परिवार को दो न्यूमिरेशन फॉर्म दिए जाएंगे। इनमें से एक फॉर्म भरकर बीएलओ को देना होगा, जबकि दूसरा अपने पास सुरक्षित रखना होगा। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में किसी अतिरिक्त दस्तावेज या पहचान पत्र की फोटोकॉपी जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
जो लोग कामकाज के कारण घर से बाहर रहते हैं या शहरी क्षेत्रों में व्यस्त हैं, वे इस फॉर्म को ऑनलाइन भी भर सकते हैं।
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य मृत व्यक्तियों या दिल्ली छोड़कर अन्य स्थानों पर जा चुके लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाना है, ताकि फर्जी मतदान पर रोक लगाई जा सके। साथ ही, 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं के नाम भी सूची में जोड़े जाएंगे।
चुनाव आयोग ने इस अभियान के लिए समय-सारणी भी जारी की है। 30 जून से डोर-टू-डोर सर्वे शुरू होगा, 5 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा और 7 अक्टूबर को सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
इससे पहले वर्ष 2002-2004 के दौरान इस स्तर का विशेष पुनरीक्षण किया गया था। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने वर्ष 2002 की पुरानी मतदाता सूची को भी अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराया है।
इसके अलावा, मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पोलिंग बूथ्स का पुनर्गठन किया जा रहा है। अब एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,200 मतदाता ही रखे जाएंगे, जिससे मतदान के दिन लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों की सहायता के लिए सभी जिलों में विशेष कैंप और हेल्पडेस्क भी स्थापित किए जाएंगे।




