गोरखपुर में रेल लाइन पर ही निकाल दिया मुहर्रम का जुलूस, सुरक्षा को ताक पर रख जोखिम भरा आयोजन

गोरखपुर में नंदानगर क्रासिंग के पास मुहर्रम का जुलूस रेल लाइन पर निकाला गया, जिससे सुरक्षा पर सवाल उठे। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में ताजिया रेल पटरियों पर ले जाया गया, जबकि यह दंडनीय अपराध है और पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। गोरखपुर कैंट-कप्तानगंज रेलमार्ग पर शुक्रवार को नंदानगर क्रासिंग के पास लोगों ने रेल लाइन पर ही मुहर्रम का जुलूस निकाल दिया। सुरक्षा बलों की निगरानी में लोग रेल लाइन पर ताजिया लेकर चलने का वीडियो और फोटो इंटरनेट मीडिया प्रसारित हो रहा है।
सुरक्षा को ताक पर रख कुछ लोग ताजिया लेकर रेल लाइन के किनारे-किनारे चल रहे हैं। कुछ लोग रेल लाइन पर ही ताजिया लेकर दौड़ रहे हैं। जबकि, ऊपर बिजली का तार (ओएचई) लटक रहा है। उनके साथ़-साथ सुरक्षा बल के जवान भी चल रहे हैं।
फोटो और वीडियो आमजन में ही नहीं रेलवे महकमा में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। रेल लाइन क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश और पटरियों पर आवागमन करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
पुलिस प्रशासन ने नंदानगर रेलवे क्रासिंग के आसपास निकलने वाले मुहर्रम के जुलूस को पास कराने के लिए गोरखपुर कैंट के स्टेशन अधीक्षक से अनुमति मांगी थी। स्टेशन अधीक्षक ने रेलवे सुरक्षा बल को नंदानगर रेलवे क्रासिंग नंबर थ्री ए से ताजिये पार कराने की अनुमति दी थी। लेकिन, सिविल पुलिस और रेलवे सुरक्षा बलों ने क्रासिंग पार कराने की जगह रेल लाइन से होकर ताजिया पार कराने की अनुमति प्रदान कर दी।
सुरक्षा बल ने न सिर्फ अनुमति दी, बल्कि ताजिये के साथ रेल लाइन पर साथ भी चले। पिछले साल ही बस्ती में मुहर्रम के जुलूस के दौरान रेल लाइन के ऊपर ओएचई से ताजिया छू गया था। इसके चलते दो लोगों की मृत्यु हो गई थी। कुछ लोग झुलस गए थे।
इस दुर्घटना को लेकर रेलवे प्रशासन ने अलर्ट भी जारी किया था। इसके बाद भी सुरक्षा बलों ने सबक नहीं लेते हुए सुरक्षा को ताक पर रखकर रेल लाइन से होकर ताजिया गुजरने दिया।
रेलवे एक्ट के तहत रेल लाइन व रेल लाइन एरिया में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। रेल परिसर या पटरियों पर अनधिकृत रूप से पकड़े जाने पर एक हजार का जुर्माना, छह माह की जेल या दोनों दंड एक साथ लग सकते हैं।

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