तुगलकाबाद अग्निकांड में सनसनीखेज खुलासा, 80 हजार के विवाद में प्रेमिका बनी हथियार, साजिश में गई तीन की जान
तुगलकाबाद एक्सटेंशन में लगी आग एक हादसा नहीं बल्कि 80 हजार रुपये के विवाद में रची गई साजिश थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने स्कूटी जलाने की योजना बनाई थी, जिससे आग फैल गई।

दक्षिणी दिल्ली। तुगलकाबाद एक्सटेंशन में 12 जून को आग लगने की जिस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान गई, जांच में आया कि यह महज घटना नहीं साजिश थी। इमारत के फ्रंट साइड में पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक से नवजीवन कैंप में रहने वाले निरंजन और उसके भाई राजकुमार का 80 हजार रुपयों को लेकर विवाद था।
निरंजन ने बदला लेने के लिए गिरीनगर, गोविंदपुरी की रहने वाली प्रेमिका सरिता को हथियार बनाया, जिसने दीपक की स्कूटी जलाने की साजिश रची। नवजीवन कैंप की ही एक नाबालिग को पेट्रोेल और माचिस देकर भेजा। पर नाबालिग की गलती से आग आस-पास की सात अन्य बाइकों तक फैली और घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। सीसीटीवी फुटेज से आरोपित नाबालिग की शिनाख्त कर जब पुलिस उस तक पहुंची तो पूरे षड्यंत्र का पता चला। पुलिस ने मामले में नाबालिग समेत तीन आरोपितों को पकड़ लिया है।
दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डा. हेमंत तिवारी के मुताबिक बृहस्पतिवार व शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब 2:24 बजे तुगलकाबाद एक्सटेंशन स्थित आरजेड-171/1, गली नंबर-एक की इमारत में आग लग गई थी। आग भूतल की पार्किंग में लगी थी, जिसका धुआं पूरी मंजिल पर फैल गया था। हादसे में आठ लोग घायल हुए थे, जिन्हें एम्स ट्रामा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान पंकज, सुशीला देवी और सोनी की मौत हो गई। शुरू में पुलिस ने बीएनएस की धारा 287 और 106 (1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
हालांकि, सीसीटीवी फुटेज की जांच में आग लगने से कुछ समय पहले एक महिला को इमारत में घुसते हुए देखा गया। इसके बाद जांच का फोकस आगजनी की आशंका पर गया। छानबीन के दौरान पुलिस ने सबसे पहले 17 वर्षीय नाबालिग को नवजीवन कैंप से पकड़ा। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि सरिता पहले उसे लेकर दीपक के घर गई थी। दीपक घर पर नहीं था। उसकी पत्नी से उधार में हीटर मांगा। नीचे पार्किंग में खड़ी दीपक की स्कूटी दिखाई और गिरि नगर स्थित अपने घर आ गई। रात में उसने अपनी स्कूटी से पेट्रोल निकालकर पानी की बोतल में भरा।
बोतल और माचिस नाबालिग को दी। उसे लेकर फिर तुगलकाबाद एक्सटेंशन आयी। पीछे गली के मोड़ पर छोड़ा और इंतजार करने लगी। जब वह दीपक की स्कूटी पर पेट्रोल डाल रही थी, तब छींटे आस-पास की बाइकों के साथ उसके पैर पर भी गिरे। जैसे ही उसने माचिस से आग लगाई। स्कूटी के साथ वहां पार्क अन्य बाइकें भी जलने लगी। उसके पैर में भी आग लगी। जिसे बुझाते हुए वह बाहर निकली।
गुरु रविदास मार्ग पर इंतजार कर रही सरिता उसे नवजीवन कैंप में छोड़कर वापस अपने घर चली गई। उनके भागने की दिशा में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करने पर पुलिस नाबालिग तक पहुंची। पुलिस ने जब सरिता को गिरफ्तार किया तो उसने बताया कि पूरी साजिश नवजीवन कैंप के ही निरंजन और राजकुमार के साथ मिलकर रची थी, जिनसे पैसों को लेकर दीपक का विवाद चल रहा था।
निरंजन सरिता का प्रेमी है जबकि नाबालिग के साथ राजकुमार का प्रेम प्रसंग चल रहा था। इन सभी को पकड़ने के बाद पुलिस ने निरंजन और राजकुमार की बाजार में परेड भी कराई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 61 (आपराधिक साजिश), 105 (गैर-इरादतन हत्या), 110 (गैर-इरादतन हत्या की कोशिश), 326(जी) (आग से नुकसान पहुंचाना) और 331(4) (रात में छिपकर घर में घुसना) तहत एफआइआर दर्ज की है। वहीं मामले में आगे की जांच जारी है।




