नीट-यूजी 2026 पेपर लीक केस में 3 राज्यों में कई गिरफ्तारियां, 45 लोगों के देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र, उत्तराखंड और बिहार से कई गिरफ्तारियां हुई हैं, जिससे 45 लोगों का एक बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क सामने आया है।

नेशनल डेस्क। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। देश के अलग-अलग हिस्सों, महाराष्ट्र के नासिक, उत्तराखंड के देहरादून और बिहार के राजगीर में कई गिरफ्तारियां की गई हैं।
जांच में कम से कम 45 लोगों के एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा, बिहार, राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला हुआ था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस रैकेट में पेपर सॉल्वर, फर्जी परीक्षार्थी (इम्पर्सोनेटर), कोचिंग सेंटर काउंसलर और एमबीबीएस छात्र तक शामिल थे।
महाराष्ट्र के नासिक से एक मेडिकल छात्र शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया गया है। वह भोपाल में बैचलर ऑफ मेडिकल साइंसेज का छात्र बताया जा रहा है। आरोप है कि उसने परीक्षा से कुछ दिन पहले नासिक में ‘गेस पेपर’ की हार्ड कॉपी हासिल की थी और बाद में उसकी सॉफ्ट कॉपी हरियाणा के एक व्यक्ति को भेजी।
नासिक पुलिस के डीसीपी किरण कुमार चौहान ने बताया, “राजस्थान पुलिस की ओर से एक व्यक्ति को हिरासत में लेने का अनुरोध मिला था। इसके बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने आरोपी को पकड़ लिया। राजस्थान पुलिस की टीम उसे अपने साथ ले जाएगी।”
राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) पहले ही दावा कर चुका है कि पेपर नासिक की एक प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ और उसका इस्तेमाल हरियाणा तथा राजस्थान में किया गया।
बिहार के राजगीर में परीक्षा वाले दिन यानी 3 मई को पुलिस को बड़ी सफलता मिली। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, वाहन जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध कारों को रोका। उन्होंने बताया, “कार चला रहा व्यक्ति खुद को MBBS छात्र बता रहा था। गाड़ी की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में नकदी मिली। मोबाइल फोन चेक करने पर कई एडमिट कार्ड भी बरामद हुए। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।”पुलिस को पहले से इनपुट मिले थे, जिसके बाद पूरे इलाके में अलर्ट जारी किया गया था।
देहरादून से ‘मास्टरमाइंड’ गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस की एसओजी ने 7 मई को देहरादून से पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड राकेश कुमार भी शामिल है। राकेश कुमार राजस्थान के सीकर का रहने वाला है और करियर काउंसलर के तौर पर काम करता था। जांच में सामने आया कि उसे केरल के एक परीक्षार्थी से 410 सवालों का प्रश्न बैंक मिला था। इनमें से 150 सवाल 3 मई को हुई असली नीट परीक्षा से मेल खाते थे।बताया जा रहा है कि शुरुआत में पेपर 5 लाख रुपये में बेचा गया। परीक्षा नजदीक आने पर कीमत घटाकर 30 हजार रुपये प्रति छात्र कर दी गई।
एसओजी के अनुसार, सीकर के एक कोचिंग सेंटर काउंसलर ने भी 5 लाख रुपये देकर यह ‘गेस पेपर’ खरीदा और फिर उसे व्हाट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंचाया। जांच में यह भी सामने आया कि हाथ से लिखे गए इस गेस पेपर के 150 में से 120 सवाल असली पेपर के बायोलॉजी और केमिस्ट्री सेक्शन से मेल खाते थे।
पेपर लीक विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। इस फैसले से देशभर के 22 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं। केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।
एनटीए ने अपने बयान में कहा, “राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखने के हित में यह निर्णय लिया गया है।” अब पूरे देश की नजर सीबीआई जांच और नीट-यूजी 2026 की नई परीक्षा तिथि पर टिकी हुई है।




