जंतर-मंतर प्रवेश मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी, सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ी
सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ दर्ज मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। यह स्थानांतरण मामले की गहन जांच के लिए किया गया है।

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश के आरोप से जुड़े मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। मामले में कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका आरोपी हैं। पुलिस के अनुसार दोनों पर निर्धारित प्रतिबंधों का उल्लंघन कर जंतर-मंतर परिसर में प्रवेश करने का आरोप है।
दिल्ली पुलिस का आरोप है कि सौरव दास और आशुतोष रांका ने बंद गेट को पार कर जंतर-मंतर परिसर में प्रवेश किया। पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से पहले ही हटाया जा चुका था। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
मामले में दोनों आरोपियों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई। इससे पहले दोनों को कथित तौर पर प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामले में पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
इस बीच पार्टी की ओर से दोनों नेताओं की रिहाई में देरी को लेकर आरोप लगाए गए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके और पार्टी के अन्य नेताओं का आरोप है कि जमानत प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की गई। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से अलग से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद पुलिस घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों, प्रवेश की परिस्थितियों और कथित नियम उल्लंघन की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




