यूएपीए मामले में पीएफआई के संस्थापक अध्यक्ष ई. अबूबकर को अस्पताल में इलाज की सुप्रीम कोर्ट से अनुमति
मैक्स अस्पताल में इलाज के दौरान परिवार का एक सदस्य रहेगा साथ, सुरक्षा और उपचार का खर्च उठाने का निर्देश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के संस्थापक अध्यक्ष ई. अबूबकर को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज मामले में दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति दे दी है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने उपचार की अनुमति देते हुए कुछ शर्तें भी निर्धारित कीं।
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने अबूबकर को साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति दी। अदालत ने निर्देश दिया कि उपचार का खर्च याचिकाकर्ता को स्वयं वहन करना होगा। साथ ही इलाज के दौरान परिवार का एक सदस्य उनके साथ रह सकेगा।
पीठ ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक शुल्क भी याचिकाकर्ता को देना होगा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अबूबकर के साथ रहने वाले परिवार के सदस्य के पास किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु नहीं होनी चाहिए।
सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अदालत को बताया कि अबूबकर को करीब एक सप्ताह के लिए मैक्स अस्पताल में उपचार के लिए भेजा जा सकता है। मामले में इससे पहले दिल्ली की एक अदालत अबूबकर की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।
ई. अबूबकर को सितंबर 2022 में गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों की ओर से उन पर भारत सरकार को कथित तौर पर उखाड़ फेंकने और वर्ष 2047 तक इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने की साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।
सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद अबूबकर को निर्धारित शर्तों के तहत अस्पताल में उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। मामले में उनके खिलाफ दर्ज आरोपों और न्यायिक कार्यवाही पर आगे की सुनवाई संबंधित अदालतों में जारी रहेगी।




