दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा होगी हाईटेक, बायोमेट्रिक एंट्री और 3डी वाहन स्कैनिंग लागू

दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी है, जिसमें बायोमेट्रिक विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम और वाहनों की 3डी स्कैनिंग शामिल है।

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम (वीएमएस) को बायोमेट्रिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जिसमें प्रवेश से पहले प्रत्येक व्यक्ति का डिजिटल सत्यापन अनिवार्य होगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इस हाईटेक सुरक्षा योजना पर काम शुरू कर दिया है। करीब 4.66 करोड़ रुपये की लागत से लागू होने वाली इस योजना की कागजी प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
नई प्रणाली के तहत विधानसभा परिसर में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की 3डी स्कैनिंग की जाएगी। इसके लिए अंडर व्हीकल स्कैनिंग सिस्टम (यूवीएसएस) लगाया जाएगा, जिसमें हाई रेजोल्यूशन कैमरों के माध्यम से वाहन के निचले हिस्से की जांच कर विस्फोटक या प्रतिबंधित वस्तुओं की पहचान की जा सकेगी।
इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम भी लगाया जाएगा, जो डीप न्यूरल नेटवर्क तकनीक पर कार्य करेगा। विधानसभा सदस्य और कर्मचारी अपने सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर सीधे प्रवेश कर सकेंगे, जबकि बाहरी आगंतुकों को फिंगरप्रिंट स्कैन और पहचान पत्र के माध्यम से सत्यापन के बाद ही प्रवेश मिलेगा। यह सभी डेटा स्थायी रूप से रिकॉर्ड में सुरक्षित रहेगा।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए विधानसभा के चारों गेटों पर कुल 18 हाइड्रोलिक क्रैश रेटेड बोलार्ड लगाए जाएंगे। जिन वाहनों को अनुमति होगी, उनके लिए बोलार्ड स्वतः नीचे हो जाएंगे, जबकि अनधिकृत वाहनों को रोकने के लिए ये 7500 किलोग्राम वजन वाले वाहन को 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी रोकने में सक्षम होंगे।
यह कदम 6 अप्रैल की उस घटना के बाद उठाया गया है, जब एक नकाबपोश व्यक्ति यूपी नंबर की कार से वीआईपी गेट नंबर-2 तोड़कर विधानसभा परिसर में घुस गया था और विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय तक पहुंच गया था। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। नई सुरक्षा प्रणाली लागू होने के बाद विधानसभा परिसर में अनधिकृत प्रवेश और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।

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