यमुना बाजार में बेदखली पर कांग्रेस का विरोध, पुनर्वास व्यवस्था पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने यमुना बाजार क्षेत्र में यमुना किनारे बसे 300 से अधिक परिवारों को अवैध बताते हुए बेदखली नोटिस जारी करने और बुलडोजर कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की इस कार्रवाई से हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं।
यादव ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा विस्थापित परिवारों को राजा गार्डन, सुल्तानपुरी, मुनिरका और गीता कॉलोनी स्थित दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के रैन बसेरों में स्थानांतरित करने का निर्देश केवल औपचारिकता है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में 200 से अधिक रैन बसेरों में करीब 21 हजार लोगों की क्षमता दर्शाई गई है, जबकि वास्तविकता में केवल 8-9 हजार लोगों को ही स्थान मिल पाता है। ऐसे में ढाई लाख से अधिक बेघर लोगों के बीच 300 परिवारों का पुनर्वास संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि रैन बसेरों में पहले से ही क्षमता से अधिक लोग रह रहे हैं और वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में विस्थापन का आदेश अमानवीय है और सरकार की जिम्मेदारी से बचने का प्रयास प्रतीत होता है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा यमुना बाढ़ क्षेत्र में रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर 91 कॉलोनियों और गांवों को अवैध बताते हुए करीब 6 लाख लोगों को हटाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार के पास इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पुनर्वास की कोई ठोस योजना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों की आड़ में बड़े पैमाने पर लोगों को विस्थापित करना चाहती है। साथ ही मुख्यमंत्री के बयानों और अदालत के निर्देशों में विरोधाभास होने की बात भी कही, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं।
यादव ने रैन बसेरों की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि एक गैर-सरकारी संगठन के निरीक्षण में कई खामियां सामने आई हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि फतेहपुरी रैन बसेरा में 600 की क्षमता बताई गई, जबकि वहां मात्र 200 बिस्तर उपलब्ध हैं, वहीं मोतिया खान में 540 की क्षमता के मुकाबले बेहद कम व्यवस्था पाई गई, जो गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत करता है।
उन्होंने कहा कि यमुना बाजार क्षेत्र में पानी और बिजली की आपूर्ति काटना अत्यंत दुखद है और यदि यही स्थिति अन्य क्षेत्रों में दोहराई गई, तो बड़ी संख्या में लोगों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टरों को हटाने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है, जिससे बेघरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बिना उचित पुनर्वास योजना के लोगों को बेदखल करना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए गंभीर समस्या उत्पन्न कर रहा है।
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार बुलडोजर कार्रवाई कर लोगों को बेघर कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुनर्वास के दावे कर रही है, जो आपसी विरोधाभास को दर्शाता है। यादव ने कहा कि शासन में अनुभव की कमी और व्यावहारिकता के अभाव के कारण लिए जा रहे निर्णयों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

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