दिल्ली के हीरा कपूर हॉस्पिटल से चल रहा था बाल तस्करी का रैकेट, डॉक्टर समेत 12 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय बाल तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया, जिसमें एक डॉक्टर सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 5 शिशुओं को बचाया गया। इसका नेटवर्क दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक फैला था।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय बाल तस्करी सिंडिकेट का गुरुवार सुबह भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इस मामले में 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया और पांच नवजातों को बचा लिया। इन आरोपितों में रोहिणी के बेगमपुर इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल का मालिक भी शामिल है, जो खुद डॉक्टर है। पुलिस को संदेह है कि इस डॉक्टर ने अपने अस्पताल का दुरुपयोग कर बच्चों की तस्करी का नेटवर्क बना रखा था।
पुलिस के अनुसार, बेगमपुर में स्थित इस अस्पताल का नाम हीरा कपूर हॉस्पिटल है। इसके मालिक डॉक्टर विवेक को अरेस्ट किया गया है। यह अस्पताल 25 बेड की क्षमता का है। राजस्थान के पाली से नवजात को इस अस्पताल में लाकर रखा जाता था और उसके बाद नवजात और बच्चों को बेच दिया जाता था। ग्राहक की हैसियत के अनुसार ही बच्चे का दाम लगाया जाता था।
शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने बताया कि हीरा अस्पताल में केवल नवजात और बच्चों को डे केयर में रखा जाता था। बेहद गरीब परिवारों से यह गिरोह नवजात या बच्चा खरीदता था। इनके कब्जे से जो पांच नवजात बरामद किए गए हैं उनमें एक दो दिन का है जिसे ग्वालियर से लाया गया था। पुलिस ने बताया कि आरोपितों से छुड़ाए गए पांच बच्चों में चार लड़के हैं और एक लड़की।
पुलिस के अनुसार, आरोपित गरीब लोगों के बच्चे जो उस अस्पताल में पैदा होते थे उन्हें ऐसे दंपती को बेच दिया जाता था जिन्हें कोई संतान नहीं होती थी। खासकर, उन्हें जो बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के अवैध तरीके से बच्चा गोद लेना चाहते थे। गिरोह नवजात शिशुओं की तस्करी कर उन्हें अवैध तरीके से बेचता था।
गिरोह के सदस्य दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के रहने वाले हैं। गिरफ्तार किए गए 12 आरोपितों में रोहिणी के बेगमपुर इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल का मालिक भी शामिल है, जो खुद डॉक्टर है। बचाए गए पांच शिशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा। दिल्ली पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।




