टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में हथियार सप्लाई का चौंकाने वाला नेटवर्क उजागर, ‘डेड लेटर बॉक्स’ से पहुंचाई गई खेप
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले की जांच में 'डेड लेटर बॉक्स' तकनीक का उपयोग करने वाले एक खतरनाक हथियार सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। आरोपितों के तार बड़े गैंगस्टर्स से जुड़े होने की आशंका है।

नई दिल्ली,एजेंसी। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले की जांच में पुलिस को हथियारों की सप्लाई से जुड़े एक कथित संगठित नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली है। जांचकर्ताओं के अनुसार, शूटरों तक हथियार पहुंचाने के लिए कथित तौर पर ‘डेड लेटर बॉक्स’ तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें हथियारों को एक तय गुप्त स्थान पर छोड़ दिया जाता है और लेने वाला व्यक्ति बिना सीधे संपर्क के वहां से उन्हें उठा लेता है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हथियारों की यह कथित सप्लाई कई राज्यों तक फैले नेटवर्क के जरिए की गई। जांच में सामने आया है कि अमृतसर में एक गुप्त स्थान पर हथियारों की खेप रखी गई थी। इसे लेने के लिए कुणाल और सुमित नामक आरोपी वहां पहुंचे थे। दोनों को कथित तौर पर अनिल पंडित ने उस स्थान की जानकारी उपलब्ध कराई थी।
जांच के अनुसार, कुणाल और सुमित करीब दो सप्ताह पहले अमृतसर गए थे। उन्हें हथियारों की खेप मुंबई तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था। इस काम के लिए उन्हें कथित तौर पर 70 से 80 हजार रुपये दिए गए, जिसमें से कुछ रकम बबीता और राधा नाम की दो युवतियों को दी गई।
पुलिस के मुताबिक, कुणाल इसी वर्ष जुलाई में सोनीपत जेल से बाहर आया था। इसके बाद एक पुराने परिचित के माध्यम से उसकी कथित तौर पर अनिल पंडित से मुलाकात हुई। दोनों के बीच संपर्क के लिए एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई है।
जांचकर्ताओं का कहना है कि हथियारों को मुंबई पहुंचाने के लिए कुणाल ने कथित तौर पर अपनी परिचित राधा और उसकी सहकर्मी बबीता की मदद ली। दोनों युवतियां सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उन्हें हथियारों की वास्तविक जानकारी कितनी थी और पूरे नेटवर्क में उनकी भूमिका क्या थी।
फिलहाल पुलिस अनिल पंडित, कुणाल, सुमित, राधा और बबीता से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके संभावित आपराधिक संपर्कों का पता लगाने में जुटी हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले में इन हथियारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।




