दिल्ली में बीएस-6 से नीचे के वाहनों की एंट्री पर रोक, मेट्रो के 20 अतिरिक्त फेरे

दिल्ली में 1 नवंबर से बीएस-6 से नीचे के मानक वाली बाहरी गाड़ियों की एंट्री पर रोक रहेगी। इसमें बीएस-4 और बीएस-3 सीएनजी वाहन भी शामिल हैं, जबकि दिल्ली में रजिस्टर्ड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को छूट मिलेगी।

नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक नवंबर से बीएस-6 से नीचे के मानक वाली बाहरी राज्यों में पंजीकृत सभी श्रेणी की गाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। बीएस-4 या बीएस-3 मानक वाली पेट्रोल, डीजल और सीएनजी गाड़ियों को दिल्ली की सीमा से ही वापस भेजा जाएगा। हालांकि, दिल्ली में पंजीकृत वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
नई व्यवस्था के दायरे में निजी कारों के साथ व्यावसायिक वाहन और कैब भी आएंगे। एनसीआर और अन्य शहरों से दिल्ली आने वाली करीब तीन से चार लाख गाड़ियों के इससे प्रभावित होने का अनुमान है। केवल सीएनजी वाहन होने के आधार पर बीएस-4 या उससे नीचे के वाहनों को छूट नहीं मिलेगी।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली मेट्रो ने भी अतिरिक्त कदम उठाए हैं। यात्रियों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मेट्रो 20 अतिरिक्त फेरे चलाएगी। यह व्यवस्था सोमवार से शुक्रवार तक लागू रहेगी।
इसके अलावा मेट्रो के निर्माण स्थलों और आसपास की सड़कों पर धूल नियंत्रण तथा सफाई अभियान तेज किया जाएगा। निर्माण स्थलों पर सामग्री को ढककर रखने, सड़कों और फुटपाथ के बीच बने डिवाइडर की सफाई तथा निर्माण कार्य से निकलने वाले वाहनों के पहियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली मेट्रो के अनुसार, शहर में करीब 31 किलोमीटर सड़कें फिलहाल उसके अस्थायी अधिकार क्षेत्र में हैं। धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण स्थलों, स्टेशनों और कार्यालय परिसरों में 250 से अधिक एंटी-स्मॉग और मिस्ट गन लगाए गए हैं। अधिकारियों की ओर से निर्माण स्थलों और आसपास की सड़कों का नियमित निरीक्षण भी किया जाएगा।

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