दिल्ली में दवाओं की बिक्री और निर्माण में भारी गड़बड़ी, ड्रग्स कंट्रोल विभाग की जांच में हुआ बड़ा खुलासा

दिल्ली में वर्ष 2025-26 के दौरान 5,902 दवा बिक्री केंद्रों की जांच में 1,807 जगह नियमों का उल्लंघन मिला। 371 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 44 में गड़बड़ी पाई गई। विभाग को 298 शिकायतें मिलीं, जबकि करीब 300 ब्रांडेड दवाओं पर बारकोड और क्यूआर कोड अनिवार्य हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह की अध्‍यक्षता में दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट की बैठक

नई दिल्ली,एजेंसी। दिल्ली में दवाओं के निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़ी इकाइयों की जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग की वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी में की गई जांच के दौरान कई निर्माण और बिक्री इकाइयों में नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ है।
विभाग के अनुसार, वर्ष के दौरान 371 दवा निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 44 इकाइयों में नियमों की अनदेखी पाई गई। वहीं, दवाओं की बिक्री से जुड़ी 5,902 इकाइयों की जांच की गई, जिनमें 1,807 स्थानों पर नियमों का उल्लंघन सामने आया।
दवाओं और कॉस्मेटिक्स की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग ने कुल 735 नमूने लिए। इनमें से 487 नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। विभाग के मुताबिक, 427 नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरे हैं, जबकि शेष नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
विभाग ने नियमित निरीक्षण के अलावा विशेष अभियान, प्राप्त शिकायतों और यादृच्छिक नमूने लेकर भी दवाओं की गुणवत्ता की जांच की। वर्ष के दौरान विभाग को विभिन्न माध्यमों से 298 शिकायतें मिलीं। जांच में 170 शिकायतों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। छह मामलों में दवाओं, कॉस्मेटिक्स या संबंधित सामग्री में गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद संबंधित दस्तावेज और स्टॉक जब्त किए गए।
दवा कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार, बाजार में नकली और असली दवाओं की पहचान चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। आधुनिक पैकेजिंग और तकनीक के कारण नकली दवाएं देखने में वास्तविक उत्पाद जैसी लग सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं के लिए उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह के अनुसार, उपभोक्ताओं को दवा खरीदते समय पैकेट पर दिए गए बारकोड या क्यूआर कोड की जांच करनी चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित प्रमुख ब्रांडेड दवाओं की पैकेजिंग पर बारकोड और क्यूआर कोड अनिवार्य किए गए हैं। स्मार्टफोन से कोड स्कैन करने पर दवा से संबंधित प्रामाणिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि दवा खरीदते समय पैकेजिंग और कोड की जांच करें तथा किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना संबंधित विभाग को दें।

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