अतिक्रमण अभियान में 47 लाख का चाय-नाश्ता, बिल देख महानगर पालिका के उड़े होश
राजकोट महानगर पालिका के अतिक्रमण विरोधी अभियान में चाय-नाश्ते पर 47 लाख रुपये का बिल देखकर मनपा अधिकारी हैरान हैं।

राजकोट/गुजरात। राजकोट महानगर पालिका क्षेत्र में फरवरी 2026 में चलाए गए तीन दिवसीय अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान चाय-नाश्ते पर हुए भारी खर्च का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। करीब 47 लाख रुपये के बिल ने न केवल अधिकारियों को चौंका दिया है, बल्कि आम जनता में भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार, अभियान के दौरान 21 हजार कप चाय, 21 हजार गिलास नींबू शिकंजी, लाखों रुपये के गांठिया-जलेबी और करीब ढाई लाख मिनरल वाटर की बोतलों का उपयोग दिखाया गया है। इस पूरे खर्च का बिल प्रेमवती रेस्टोरेंट के नाम से महानगर पालिका को भेजा गया है।
महानगर पालिका की स्थायी समिति ने इस बिल पर फिलहाल रोक लगा दी है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भोजन और नाश्ते पर करीब 27 लाख रुपये खर्च किए गए, जबकि मिनरल वाटर पर ही 12 लाख 40 हजार रुपये का बिल प्रस्तुत किया गया है।
जागरूक नागरिकों द्वारा जांच में यह भी सामने आया है कि पांच रुपये की पानी की बोतल का बिल आठ रुपये प्रति बोतल के हिसाब से लगाया गया है, जिससे कुल खर्च में भारी वृद्धि दिखाई गई है।
अभियान के दौरान करीब पांच हजार अधिकारी, कर्मचारी और पुलिसकर्मी तैनात थे। बताया जा रहा है कि जहां अधिकारी काजू मिठाई, खजूर रोल, वेफर और समोसे का आनंद ले रहे थे, वहीं कर्मचारियों के लिए गांठिया, जलेबी, पोहा, चाय, नींबू शिकंजी और छाछ की व्यवस्था की गई थी।
तीन दिन तक चले इस अभियान में जंगलेश्वर इलाके में अतिक्रमण हटाने के लिए ढाई सौ से अधिक मशीनों का भी उपयोग किया गया। हालांकि, चाय-नाश्ते पर हुए इस असामान्य खर्च को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि यह अतिक्रमण हटाने का अभियान था या किसी प्रकार का आयोजन।
फिलहाल, महानगर पालिका प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और जांच के बाद ही बिल के भुगतान को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


