दिल्ली में कार पार्किंग पर एमसीडी का बड़ा फैसला, ‘पार्किंग स्लिप नहीं तो भुगतान नहीं’ की शुरुआत

दिल्ली एमसीडी पार्किंग माफिया और अवैध वसूली पर अंकुश लगाने के लिए अपनी सभी पार्किंग साइट्स पर पीओएस मशीनों के माध्यम से भुगतान प्रणाली लागू कर रही है। यह व्यवस्था सीधे निगम के केंद्रीय सर्वर से जुड़ेगी।

नई दिल्ली। दिल्ली में पार्किंग माफियाओं की मनमानी और अवैध वसूली पर लगाम लगाने के लिए एमसीडी बड़े सुधार की तैयारी कर रही है। निगम अब अपनी सभी पार्किंग साइट्स पर प्वाइंट आफ सेल (पीओएस) मशीनों के जरिए भुगतान की व्यवस्था शुरू करने जा रही है। यह पूरी व्यवस्था सीधे निगम के केंद्रीय सर्वर से जुड़ी होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ठेकेदारों द्वारा पार्किंग के नाम पर वसूले जाने वाले मनमाने शुल्क से वाहन मालिकों को राहत देना तथा राजस्व चोरी को रोकना है।
निगम के पारिश्रमिक परियोजना सेल ने इस नई व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए विभिन्न बैंकों के साथ चर्चा की हैं। वर्तमान व्यवस्था में लोग सीधे ठेकेदार के तैनात कर्मियों को नकद भुगतान करते हैं, जिससे हेराफेरी की गुंजाइश बनी रहती है। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एमसीडी के पास पार्किंग में तय दर से ज्यादा पैसे वसूले जाने की लगातार शिकायतें आ रही है। नई व्यवस्था के तहत, बैंकों के सहयोग से सभी पार्किंग अटेंडेंट्स को पीओएस मशीनें दी जाएंगी।
इससे हर भुगतान पर निगम मुख्यालय से सीधे नजर रखी जा सकेगी। इसके साथ ही एक अभियान -पार्किंग स्लिप नहीं तो भुगतान नहीं- भी चलाया जाएगा। जिसके माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जाएगा कि वह आधिकारिक पीओएस मशीन से जेनरेट हुई पर्ची लें, वह न मिले तो कोई भुगतान न करें।
पार्किंग क्षेत्र में सुधार के तहत निगम ने 55 सतही पार्किंग स्थलों की दोबारा बोली लगवाई है। इससे निगम को मिलने वाली मासिक लाइसेंस फीस सीधे दोगुनी हो गई है। अधिकारी ने बताया कि परेड ग्राउंड, लाजपत नगर और पीतमपुरा जैसी प्रमुख साइटों पर ठेकेदार पुरानी दरों पर ही काम चला रहे थे। पुरानी समय-सीमा को रद्द कर नए सिरे से टेंडर जारी करने के बाद निगम की कमाई में भारी इजाफा हुआ है।

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