नोएडा श्रमिक आंदोलन की जांच में बड़ी कार्रवाई, हिंसा भड़काने के आरोप में पत्रकार सत्यम वर्मा और आकृति पर लगा एनएसए

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने श्रमिक आंदोलन के हिंसक प्रदर्शन में शामिल सत्यम वर्मा और आकृति पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत सख्त कार्रवाई की है।

नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने बीते दिनों श्रमिक आंदोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन में संलिप्त दो आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत सख्त कार्रवाई की है। आरोपी सत्यम वर्मा और आकृति मजदूर बिगुल दस्ता के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। दोनों पर भड़काऊ भाषण देकर हिंसा भड़काने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, श्रमिक धरना-प्रदर्शन के दौरान कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में कई अभियोग दर्ज किए गए थे। इनमें से हिंसक घटनाओं, अराजकता फैलाने और लोगों को भड़काने में शामिल दोनों आरोपियों के विरुद्ध एनएसए लगाया गया है। पुलिस ने पाया कि इन दोनों ने विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को उकसाकर अशांति फैलाने और अफवाह फैलाने का प्रयास किया था।
बता दें कि सत्यम वर्मा एक पत्रकार, सार्वजनिक बुद्धिजीवी, संपादक और अनुवादक हैं। उन्होंने यूनिवर्ता में कई वर्ष काम किया है। वे ‘भगत सिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़’ की ऐतिहासिक कृति के संपादक हैं। रोमिला थापर की पुस्तक सोमनाथ का हिंदी अनुवाद भी किया है। वहीं, आकृति दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में मास्टर्स और दौलत राम कॉलेज से ग्रेजुएट है।

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