डेटिंग ऐप पर फर्जी महिला की प्रोफाइल बनाकर ठगी करने वाला डॉक्टर गिरफ्तार, लाखों रुपये की ठगी का खुलासा
नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने एक एमबीबीएस-एमडी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, जिसने डेटिंग ऐप पर महिला का फर्जी प्रोफाइल बनाकर पुरुषों को प्रेमजाल में फंसाया और करीब 10 लाख रुपये की ठगी की।

नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, जिसने डेटिंग ऐप पर महिला का फर्जी प्रोफाइल बनाकर पुरुषों को प्रेमजाल में फंसाया और उनसे लाखों रुपये की ठगी की। आरोपी की पहचान आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के शिवालयम स्ट्रीट निवासी डॉ. पेदगावेदी रामाकृष्ण के रूप में हुई है, जो ग्रेटर नोएडा की टेक्नो प्रोव्यू सिटी सोसाइटी में अकेले रह रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी एमबीबीएस और एमडी डिग्रीधारी है। निजी अस्पताल की नौकरी छूटने के बाद वह लंबे समय से बेरोजगार था और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि खुद और अपने दो पालतू कुत्तों का खर्च चलाने के लिए उसने ठगी का यह तरीका अपनाया।
जांच में सामने आया कि जून 2025 में आरोपी ने डेटिंग ऐप पर “श्रीशा उर्फ श्रीदेवी” नाम से फर्जी महिला प्रोफाइल बनाई और आकर्षक तस्वीरों के जरिए पुरुषों को अपने जाल में फंसाना शुरू किया। इसी प्रोफाइल के माध्यम से उसने बेंगलुरु के जयनगर निवासी सैय्यद अय्यूब इमरान समेत कई लोगों से संपर्क कर भावनात्मक संबंध बनाने का नाटक किया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने सैय्यद अय्यूब इमरान से 4.40 लाख रुपये अपने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते में ट्रांसफर करवाए। इसके अलावा वरिष्ठ वर्मा नामक एक अन्य व्यक्ति से भी रकम ठगी गई। प्रारंभिक जांच में दोनों पीड़ितों से कुल मिलाकर करीब 10 लाख रुपये की ठगी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
सैय्यद अय्यूब इमरान ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की, जिसमें सभी सुराग ग्रेटर नोएडा की टेक्नो प्रोव्यू सिटी सोसाइटी तक पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि ठगी के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए इस्तेमाल किया गया वीवो मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़कर फेंक दिया था, ताकि उसके खिलाफ कोई साक्ष्य न मिले। हालांकि डिजिटल ट्रेल और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने उसे दबोच लिया।
साइबर क्राइम थाना पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने कुल कितने लोगों को निशाना बनाया और ठगी की वास्तविक रकम कितनी है। मामले में आगे की जांच जारी है।




