मध्य जिला पुलिस की संपर्क सभा में 72 पुलिसकर्मी सम्मानित,दिल्ली में जल्द बनेंगे 500 नए पुलिस बूथ
मध्य जिला पुलिस ने गांधी स्मृति में 'संपर्क सभा' आयोजित की, जहाँ पुलिसकर्मियों ने अपनी समस्याएँ रखीं और 72 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

नई दिल्ली। पुलिसकर्मियों की सेवा संबंधी समस्याओं और शिकायतों को सुनने, उनके कल्याण तथा कार्य परिस्थितियों में सुधार के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को मध्य जिला पुलिस की ओर से राजघाट स्थित गांधी स्मृति के सत्याग्रह मंडप में ‘संपर्क सभा’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखने का अवसर दिया गया। इस दौरान बीते 45 दिनों में आठ प्रमुख मामलों की उत्कृष्ट और अनुकरणीय जांच करने वाले 72 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद जवानों के बीच आपसी भाईचारे और एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए ‘बड़ा खाना’ आयोजित किया गया, जिसमें करीब 329 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौतियों के साथ नियमित पुलिस ड्यूटी का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए मध्य जिला पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी बड़े आयोजन के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) मुख्य रूप से बाहरी सुरक्षा चुनौतियों से निपटते हैं, जबकि स्थानीय पुलिस को नागरिकों की शिकायतों के निस्तारण और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। ऐसे में प्रत्येक शिकायत का समाधान संवेदनशीलता, ईमानदारी और पेशेवर तरीके से किया जाना चाहिए।
उन्होंने पुलिसकर्मियों को आधिकारिक प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के प्रभावी इस्तेमाल की सलाह दी। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में बॉडी-वॉर्न कैमरों तथा पुलिस थानों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया जा सकता है। जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और पुलिस की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने पूरी दिल्ली में 500 नए पुलिस बूथ स्थापित करने की प्रस्तावित योजना की जानकारी भी दी।
विशेष पुलिस आयुक्त ने घरेलू जिम्मेदारियों के साथ कठिन कानून-व्यवस्था की परिस्थितियों में ड्यूटी निभाने वाली महिला पुलिसकर्मियों के समर्पण और योगदान की भी सराहना की। पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक थाने में वाटर कूलर, टेलीविजन और माइक्रोवेव ओवन जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जवानों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके।
संपर्क सभा के दौरान पुलिसकर्मियों ने अपनी सेवा और प्रशासनिक समस्याएं वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखीं। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव था, उनका मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि अन्य शिकायतों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके साथ ही पिछली संपर्क सभा में उठाए गए मुद्दों पर हुई कार्रवाई और उनकी प्रगति की समीक्षा भी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त की ओर से की गई।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (मध्य रेंज) मधुर वर्मा ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान अनुशासन, विनम्रता और वर्दी की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक पुलिसकर्मी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जवानों से इन मूल्यों का सदैव पालन करने की अपील की। कार्यक्रम में डीसीपी रोहित राजबीर सिंह सहित मध्य जिला पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




