दिल्ली में 44 लाख रुपये की दिनदहाड़े सशस्त्र लूट का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी समेत छह गिरफ्तार
शाहदरा जिला पुलिस ने बरामद किए 26.41 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, कार और तीन मोबाइल फोन जब्त।

पूर्वी दिल्ली। दिल्ली के शाहदरा जिले में एमएस पार्क थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई 44 लाख रुपये की दिनदहाड़े सशस्त्र लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा करने का दावा किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कथित मुख्य आरोपी सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल 26 लाख 41 हजार 500 रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और मैगजीन, एक स्विफ्ट डिजायर कार तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 27 अगस्त 2026 को एमएस पार्क थाना क्षेत्र में हथियार के बल पर 44 लाख रुपये लूटने की वारदात हुई थी। इस संबंध में प्राथमिकी संख्या 248/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सामने आया कि कथित आरोपियों ने नकदी की आवाजाही और उसके समय से संबंधित अंदरूनी जानकारी का इस्तेमाल कर लूट की साजिश रची थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रणय तिवारी, सरब तिवारी उर्फ प्रफुल, अम्बरीश तिवारी उर्फ चंचल, गौरव तिवारी और राम जीत को गिरफ्तार किया। शुरुआती कार्रवाई में तीन लाख 90 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
पुलिस के मुताबिक, वारदात में कथित मुख्य भूमिका निभाने वाला सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल फरार था। उसकी तलाश में एमएस पार्क थाना पुलिस की टीम ने उत्तर प्रदेश में कई सप्ताह तक छापेमारी की। इसी दौरान सुल्तानपुर जिले के एरुल क्षेत्र में उसके परिवार से जुड़े एक ठिकाने पर कार्रवाई की गई, जहां उसकी 19 वर्षीय बहन के कब्जे से 22 लाख 51 हजार 500 रुपये बरामद किए गए। पुलिस ने रकम छिपाने में कथित मदद के मामले में युवती को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत पाबंद किए जाने की जानकारी दी है।
पुलिस ने सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल को 16 अक्टूबर 2026 को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर 18 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में हलीयापुर-कुड़वार मार्ग पर गोमती कुड़वार पुल के पास सड़क किनारे झाड़ियों से एक पिस्टल और मैगजीन बरामद की गई। आरोप है कि वारदात के बाद फरार होते समय उसने हथियार वहां फेंक दिया था। पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाएं सामने आने का दावा किया है। सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल पर पिस्टल के बल पर नकदी से भरा बैग छीनने का आरोप है। प्रणय तिवारी पर नकदी की आवाजाही से जुड़ी अंदरूनी जानकारी उपलब्ध कराने और साजिश में शामिल होने का आरोप है। सरब तिवारी उर्फ प्रफुल पर आरोपियों के बीच संपर्क तथा सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था करने, जबकि अम्बरीश तिवारी उर्फ चंचल पर लूट के दौरान बैग छीनने और रकम लेकर फरार होने में भूमिका निभाने का आरोप है। गौरव तिवारी पर वारदात से पहले निगरानी रखने और आरोपियों के ठहरने की व्यवस्था करने तथा राम जीत पर फरार होने के लिए वाहन उपलब्ध कराने और मुख्य आरोपी को शरण देने का आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
पुलिस ने बताया कि बरामद कुल रकम में शुरुआती कार्रवाई के दौरान मिले तीन लाख 90 हजार रुपये और सुल्तानपुर से बरामद 22 लाख 51 हजार 500 रुपये शामिल हैं। इस प्रकार कुल 26 लाख 41 हजार 500 रुपये बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पिस्टल, मैगजीन, कार और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल और सरब तिवारी उर्फ प्रफुल समेत कुछ आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में पहले भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
इस अभियान का नेतृत्व एमएस पार्क थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मिश्रा ने किया। कार्रवाई एसीपी सीमापुरी मुकेश कुमार की निगरानी और शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने की। टीम में निरीक्षक एटीओ राम शंकर पंडित, उपनिरीक्षक हरीश कुमार, सहायक उपनिरीक्षक सुनील तथा हेड कांस्टेबल प्रदीप, दीपक और नीरज शामिल थे।
शाहदरा जिला पुलिस के अनुसार, छह आरोपियों की गिरफ्तारी, 26.41 लाख रुपये की बरामदगी और कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी मामले की जांच में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, लूट की साजिश और अन्य संबंधित तथ्यों की पड़ताल कर रही है।




