एल टी जी सभागार मंडी हाउस में कॉमेडी नाटक“सइयाँ बेईमान” का सफल मंचन हुआ

राजू बोहरा / विशेष संवाददाता नई दिल्ली
नई दिल्ली। राजधानी के प्रतिष्ठित एलटीजी सभागार मंडी हाउस में ”युनिस्कोप फिल्म्स एंड स्टूडियोज” द्वारा प्रस्तुत हास्य-नाटक “सइयाँ बेईमान” का भव्य और सफल मंचन किया गया। यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए हँसी, संवेदना और रिश्तों की गहराई से भरा एक यादगार अनुभव साबित हुई। शो पूरी तरह हाउसफुल रहा और पूरे समय सभागार तालियों और ठहाकों से गूंजता रहा।

इस नाटक का निर्माण चर्चित फिल्म निर्माता बलदेव कश्यप ने किया है, जबकि निर्देशन की बागडोर प्रवीण कश्यप के हाथों में रही। मूल कथा प्रसिद्ध बंगाली साहित्यकार मनोज मित्रा की रचना पर आधारित है, जिसे हिंदी रूपांतरण के साथ रंगमंच पर जीवंत किया गया।

बलदेव कश्यप, जो “काली रात अमावस की”, “धुरंधर”, “हुरदंग”, “दिल्ली का शेखचिल्ली”, “वापसी”, “कुछ तो कम है”, “रसीला”, “हैलो सुंदरी” और “कहानी नादान उम्र की” जैसी फिल्मों और धारावाहिकों का निर्माण कर चुके हैं, इस बार पहली बार किसी बंगाली कहानी को हिंदी रंगमंच पर लेकर आए हैं। उनका कहना है कि इस नाटक के माध्यम से वे दर्शकों की पसंद और प्रतिक्रिया को समझना चाहते हैं, ताकि भविष्य में इसी विषय पर फिल्म निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

नाटक की कहानी एक ही मकान में रहने वाले दो परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती है। एक ओर वर्षों से साथ रह रहे मौसा-मौसी के बीच की चटपटी नोक-झोंक है, तो दूसरी ओर नवविवाहित जोड़े श्यामल और बकुल के रिश्ते की ताज़गी भरी तकरार। अलग-अलग उम्र के इन रिश्तों में समान भावनाएँ और संघर्ष दर्शकों को हँसाते भी हैं और कहीं न कहीं भावुक भी कर देते हैं।

नाटक में अपने प्रभावशाली अभिनय से मंच पर शानदार अभिनय करने वाले किरदारों में जिन सभी कलाकारों ने जान डाली उनमे बुढ़ा–आज़ाद सिंह, बुढ़ी–स्वीटी गुप्ता, श्यामल–पुनीत कश्यप, बकुल–मानसी अग्रवाल कश्यप, अरुप–केशव कुकरेजा, डॉ. जितिन–कुलदीप, दोलन–यशिका अग्रवाल, कन्हाई–अमन चोपड़ा, शबनम दीदी–पूनम बागड़ी, मैनेजर–दीपक, बड़ा मुन्ना–वायु, छोटा मुन्ना–पार्थ राणा, ततई–पुरव कपूर, वेटर–महावीर नेगी आदि नाम मुख्यरूप से शामिल है। नाटक को दर्शकों और समीक्षकों से भरपूर सराहना मिली।

“सइयाँ बेईमान” सिर्फ एक हास्य नाटक नहीं, बल्कि रिश्तों की सच्चाई, समझ और भावनात्मक गहराई को उजागर करने वाली प्रस्तुति है। इसने एक बार फिर साबित कर दिया कि रंगमंच की शक्ति आज भी दर्शकों को बांधकर रखने में सक्षम है। निर्माता के अनुसार, इस नाटक के आगामी शो भी आयोजित किए जाएंगे और जल्द ही इसी कहानी पर फिल्म निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। स्क्रिप्ट तैयार होने के बाद कलाकारों का चयन किया जाएगा, जिसमें नाटक के कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

Related Articles

Back to top button