चरित्र निर्माण और मूल्य-आधारित शिक्षा पर केंद्रित पुस्तक इंडिया हैबिटेट सेंटर में ‘इग्नाइटिंग अ बिलियन लैंप्स’ का लोकार्पण संपन्न

राजू बोहरा / वरिष्ठ संवाददाता दिल्ली

नई दिल्ली, प्रख्यात शिक्षाविद् अशोक के. पांडेय की पुस्तक ‘इग्नाइटिंग अ बिलियन लैंप्स’ का लोकार्पण 7 अप्रैल 2026 को इंडिया हैबिटेट सेंटर सभागार में एक गरिमामय एवं विचारोत्तेजक दोपहर में संपन्न हुआ।
लोकार्पित पुस्तक भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और नेतृत्व-यात्रा से प्रेरणा ग्रहण करते हुए शिक्षा के मूल उद्देश्य-चरित्र निर्माण और मूल्य आधारित नागरिकों के निर्माण-पर केंद्रित है।
पुस्तक में शिक्षकों, विद्यालयों और उनमें निहित नेतृत्व की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. बल्देव भाई शर्मा उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व एडमिरल के.एस. नूर, प्रो. पुष्पनाथम, डॉ. रोहिणी आहलुवालिया, डॉ.अमीता मुल्ला वाट्टल, कुंवर शेखर विजेंद्र तथा प्रकाशक मनीष अग्रवाल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन लेखक एवं इतिहासकार अमृतांशु पांडेय ने प्रभावशाली ढंग से किया।
मुख्य अतिथि प्रो. बल्देव भाई शर्मा ने अपने संबोधन में पुस्तक को ‘चरित्र निर्माण का खाका’ बताते हुए कहा कि लेखक के बहुआयामी व्यक्तित्व की तरह यह किताब आज के समय में ज़िम्मेदार और नैतिकता से परिपूर्ण नागरिक तैयार करने की दिशा में अत्यंत प्रासंगिक है।

पुस्तक के प्रस्तावना लेखक सेवानिवृत्त एडमिरल के.एस.नूर ने पुस्तक की व्यापकता और गहराई पर प्रकाश डालते हुए इसे नेतृत्व और संस्थागत परिवर्तन के संदर्भ में अत्यंत उपयोगी बताया।

अन्य वक्ताओं में कुंवर शेखर विजेंद्र, प्रो. पुष्पनाथम, डॉ. रोहिणी आहलुवालिया और डॉ. अमीता मुल्ला वाट्टल ने भी शिक्षा, विद्यालय नेतृत्व और समग्र विकास के संदर्भ में पुस्तक की महत्ता पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में शिक्षा, सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे जिनमें डॉ.विवेक गौतम, राबाई मालेकर, जनरल पी.के.सहगल, कर्नल किशोर उपाध्याय, संदीप सहगल, राकेश पांडेय, अजय पांडेय, नवीन आर्य, दिनेश उप्रेती,रचना पंत और लेफ्टिनेंट संजीव कौर सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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